कावेरी के माता-पिता का व्यवहार देखकर गुस्सा आता है। अपनी ही बेटी को बाज़ार में बेचने की कोशिश करना और फिर उसे ज़मीन पर गिरा देना, यह कैसा रिश्ता है? काश वे समझ पाते कि उनकी बेटी कितनी कीमती है। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी की कहानी में यह परिवारिक कलह सबसे दर्दनाक हिस्सा है। उम्मीद है कावेरी अपनी ताकत से सबको सबक सिखाएगी।
सम्राट पूर्व राज्य का किरदार बहुत गहरा है। वह कावेरी से कुछ ऐसा चाहता है जो उसे बेचैन कर रहा है। कावेरी का महल में घुटनों के बल बैठना और सम्राट का मुस्कुराते हुए देखना, यह सब एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी में सत्ता और प्रेम का यह संघर्ष देखने लायक है। कावेरी की आँखों में डर नहीं, बस एक दृढ़ संकल्प दिखाई देता है।
अर्जुन और कावेरी का जंगल में साथ चलना और फिर उसका उसके बालों में फूल सजाना, यह दृश्य बेहद खूबसूरत था। सूरज की रोशनी और उनके बीच की खामोशी ने माहौल को जादुई बना दिया। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी में ऐसे पल ही तो होते हैं जो दिल को छू लेते हैं। लगता है राजकुमार ने पहली नज़र में ही अपना दिल गंवा दिया है।
जब कावेरी ने तलवार पकड़ी और अपनी जान बचाने की कोशिश की, तो पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया। उसके माता-पिता का डर और अर्जुन का समय पर आना, यह सब एकदम सही टाइमिंग पर हुआ। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी में यह एक्शन सीन सबसे ज्यादा यादगार है। कावेरी की बहादुरी को सलाम है, उसने हार नहीं मानी।
इस शो के कपड़े और सेटिंग वाकई लाजवाब हैं। सम्राट का काला लिबास और कावेरी का गुलाबी पोशाक, हर चीज़ बहुत ही शानदार है। महल के अंदरूनी हिस्से और बाज़ार का नज़ारा देखकर लगता है कि हम किसी दूसरी दुनिया में हैं। नकली मौत, सच्ची ज़िंदगी की प्रोडक्शन वैल्यू बहुत हाई है, जो इसे और भी आकर्षक बनाती है।