कावेरी को मंगेतर अमित और सहेली तनु ने हिम कीट के मुंह में धकेल दिया। वह उसी दिन लौट आई – अब सब याद है। वह जानती है कि रात दस बजे हमला होगा, पर कोई नहीं मानता। सिर्फ बचाव दल का आदित्य उस पर भरोसा करता है।
स्थानीय बुजुर्ग नोक बताता है – कीट आवाज़, गर्मी और खून से आकर्षित होता है। वह कावेरी को ‘मौन पत्थर’ देता है।
बचाव दल का हेरी लापरवाही से सबको ले जाता है, सब मरते हैं। अमित और तनु जान बचाने को एक-दूसरे को धोखा देते हैं। कावेरी और आदित्य बच निकलते हैं।