बीस साल से गृहिणी नीलम शर्मा को उसके पति संजय सिंह ने मारा-पीटा और घर से निकाल दिया। उसका बेटा सूरज सिंह भी उसे नहीं समझता। एक दिन नीलम की मुलाकात डायरेक्टर ज्योति वर्मा से होती है, जो उसे एक्टिंग का मौका देती हैं। नीलम की पहली फिल्म सुपरहिट हो जाती है, और उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है।