नीली रोशनी में चमकती कार और सफेद परिधान पहने शख्स का आगमन ही कहानी का मोड़ बन जाता है। जब वह महिला से मिलता है, तो उनकी आंखों में कुछ अनकहा सा दिखता है। फिर अचानक आता है वह दूसरा शख्स—गंभीर चेहरा, गहरी नजरें। लगता है जैसे कोई पुराना रिश्ता टूटने वाला हो या फिर नया शुरू होने वाला हो। क्षमा करें श्री खन्ना, बच्चा तुम्हारा नहीं जैसी भावना इस दृश्य में भी झलकती है। हर दृश्य में तनाव और उम्मीद का मिश्रण है।