"अनन्या और ईशान खन्ना की अरेंज मैरिज धीरे-धीरे सच्चे प्यार में बदल गई थी। लेकिन उनकी खुशहाल जिंदगी तब तबाह हो गई जब काव्या की एंट्री हुई—एक ऐसी औरत जो बिल्कुल ईशान की पहली मोहब्बत जैसी दिखती थी।
ईशान बार-बार अनन्या की भावनाओं को नजरअंदाज कर काव्या की मदद करने लगा। जब बर्दाश्त की हद पार हो गई, तो अनन्या ने एक बड़ा फैसला लिया। उसने तय किया कि वह अपने बच्चे को अकेले पालेगी और ईशान से रिश्ता खत्म कर देगी। अब पछतावे में डूबा ईशान उसे वापस पाने की कोशिश कर रहा है—पर क्या अब बहुत देर हो चुकी है?"