इस शो की शुरुआत ही इतनी धमाकेदार है कि सांस रुक जाए। पानी का वेग देखकर लगता है जैसे प्रलय आ गई हो। सुनहरी आँखें में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं। सैनिकों की भागदौर और फिर बाढ़ का आना, सब कुछ बहुत तेजी से हुआ। मैंने यह मोबाइल पर देखा और सच में डर गया था। बच्चे का डरा हुआ चेहरा दिल को छू गया।
लग्जरी महल जैसे घर में जब पानी घुसता है तो मंजर खौफनाक हो जाता है। सुनहरी आँखें की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम है। वह जोड़ा जो सीढ़ियों पर गिरा, उनकी चीखें कानों में गूंज रही हैं। कांच का गुंबद टूटने वाला है क्या? यह सवाल दिमाग में चल रहा है। अभिनय बहुत स्वाभाविक लगा।
बूढ़े व्यक्ति के चेहरे पर जो घबराहट थी, वह असली लग रही थी। सुनहरी आँखें में हर किरदार ने अपनी भूमिका निभाई है। बाहर तबाही मची है और अंदर लोग सहमे हुए हैं। यह कंट्रास्ट बहुत अच्छा दिखाया गया है। मैंने कई शो देखे हैं पर यह वाला अलग है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाला कंटेंट कभी निराश नहीं करता।
छोटे बच्चे ने जब उंगली उठाई तो लगा कुछ बड़ा होने वाला है। सुनहरी आँखें का यह भाग सस्पेंस से भरा है। बिजली कड़कने की आवाज और फिर पानी का टूटना, सब कुछ सिनेमाई अंदाज में है। कपड़ों के रंग और सेट डिजाइन बहुत शानदार हैं। मैं पूरी रात यह ही देखता रहा।
काले पोशाक वाली युवती की हालत देखकर तरस आया। सुनहरी आँखें में इमोशनल ड्रामा भी है और एक्शन भी। वह व्यक्ति जो उसे बचाने की कोशिश कर रहा था, उसकी आंखों में डर साफ दिख रहा था। ऐसे सीन देखकर ही पता चलता है कि मुसीबत में कौन काम आता है। बहुत ही दमदार प्रदर्शन है।
बाहर का नजारा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। सुनहरी आँखें में तबाही के दृश्य बहुत रियलिस्टिक हैं। कचरा और सामान पानी में तैर रहा है, यह बारीक़ी बहुत गहराई से पकड़ी गई है। लोग कैसे बचेंगे यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। मैं अगले भाग का इंतजार नहीं कर पा रहा हूं।
सीढ़ियों पर भागते हुए लोग और फिर अचानक पानी का आना, यह ट्विस्ट बहुत अच्छा था। सुनहरी आँखें की स्क्रिप्ट में दम है। कोई भी डायलॉग बेकार नहीं लगा। हर किसी के चेहरे पर अलग अलग भाव थे। कोई चिल्ला रहा था तो कोई स्तब्ध था। यह निर्देशन की कमाल की कारीगरी है।
वेटेयर वर्दी वाले व्यक्ति को पानी में बहते देख दुख हुआ। सुनहरी आँखें में अमीर और गरीब का फर्क नहीं बचा जब मुसीबत आई। सब एक जैसे पानी में बह रहे हैं। यह संदेश भी बहुत गहरा है। मैंने कई शो देखे हैं पर यह सबसे अलग लगा। बहुत प्रभावशाली कहानी है।
खिड़की से बाहर जब तूफान दिखा तो लगा घर टूट जाएगा। सुनहरी आँखें में दृश्य प्रभाव बहुत नवीनतम हैं। बादल काले हैं और बिजली चमक रही है। माहौल में जो डर है वह पर्दे से बाहर आ रहा है। मैंने लाइट बंद करके यह देखा तो मजा दोगुना हो गया। सच में थ्रिलर पसंद करने वालों के लिए है।
परिवार के सभी सदस्य एक साथ खड़े थे जब पानी आया। सुनहरी आँखें में रिश्तों की अहमियत भी दिखाई गई है। बच्चे को बचाने की कोशिश हर बड़े की प्राथमिकता थी। यह इंसानियत की जीत है। मुझे यह शो बहुत पसंद आया और मैं इसे सबको सुझाव दूंगा। जरूर देखें।