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सुनहरी आँखेंवां24एपिसोड

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सुनहरी आँखें

एक जीवित रहने का विशेषज्ञ विमान दुर्घटना के बाद सात साल के बच्चे के रूप में फिर से जन्म लेता है। उसे "बहु-आपदा पलायन" नामक जीवन-मरण के खेल में फँसना पड़ता है – वह अपने परिवार के साथ सब आपदाओं को पार कर ही असली दुनिया में लौट सकता है। उसमें सुनहरी आँखें जागती हैं – जो अतीत देख सकें और भविष्य जान सकें। साथ ही उसे हजारों मील दूर देखने और दूर की आवाज़ें सुनने की शक्ति भी मिलती है। हजारों फीट ऊपर उड़ान में वह हादसे की चेतावनी देता है, पर कोई नहीं मानता। जब दाहिना पंख फटता है, तब सब चौंक जाते हैं। एक
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इस एपिसोड की समीक्षा

लालच का खौफनाक अंजाम

जब खजाने का विशाल ढेर सामने आया तो सबकी आँखें चमक उठीं, लेकिन लालच का परिणाम हमेशा बुरा होता है। सुनहरी आँखें वाले बच्चे को शायद पहले से ही सब पता था कि यह कोई साधारण जगह नहीं है। गुफा का माहौल बहुत डरावना था और जब अचानक हरी आग जली तो रोंगटे खड़े हो गए। काश वे लालच में न आते तो आज इस मुसीबत में न फंसते। बहुत ही रोमांचक कहानी है जो अंत तक बांधे रखती है।

बच्चे की रहस्यमयी शक्ति

उस बच्चे की आँखें देखकर ही समझ आ गया कि वह कोई साधारण इंसान नहीं है। पीली पुतलियां और वह डर जो उसके चेहरे पर था, सब कुछ कहानी को गहरा बना रहा है। सुनहरी आँखें श्रृंखला की यह कड़ी सबसे बेहतरीन है। जब जंजीरें अपने आप चलने लगीं तो लगा अब सब खत्म हो गया। अभिनय बहुत नेचुरल लग रहा है खासकर बच्चे का जो बिना संवाद के सब कह गया।

ममी का खौफनाक रूप

ममी का रूप बहुत ही खौफनाक था। जब वह सीढ़ियों से ऊपर आया तो सन्नाटा छा गया। हड्डियों की आवाज़ और वह कंकाल जैसा शरीर किसी को भी डरा सकता है। सुनहरी आँखें में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं। जो व्यक्ति जेड का टुकड़ा लेकर गया था, क्या वह सच में बच पाएगा? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है। विशेष प्रभावों का उपयोग जगह पर हुआ है और माहौल बनाए रखता है।

तेज़ रफ़्तार कहानी

कहानी की रफ़्तार बहुत तेज़ है। एक पल खजाना मिलता है और अगले पल मौत सामने खड़ी हो जाती है। यह उतार चढ़ाव दर्शकों को बांधे रखता है। सुनहरी आँखें की कहानी में हर मोड़ पर नया बदलाव है। जब काला धुआं लोगों को घेरने लगा तो सांसें रुक गईं। ऐसे रोमांचक कहानियां देखने का मज़ा ही अलग है जो सीधे दिल पर दस्तक दे और अंत तक रहस्य बनाए रखे।

भावनाओं का तूफान

बच्ची के रोने का दृश्य दिल को छू गया। जब वह जंजीरों में जकड़ी थी तो लगा कोई मदद नहीं आएगी। परिवार के बीच का डर और चिंता साफ़ दिख रही थी। सुनहरी आँखें में भावनात्मक पक्ष भी बहुत मज़बूत है। बूढ़े आदमी की हवस ने सबको मुसीबत में डाल दिया। अब देखना है कि कोई उनकी जान बचा पाता है या नहीं। बहुत ही तनावपूर्ण दृश्य थे जो आँखों में आँसू ला दें।

दृश्यों की शानदार प्रस्तुति

गुफा की सेटिंग और रोशनी का खेल कमाल का था। हरी आग और पत्थर की नक्काशी बहुत विस्तार से दिखाई गई है। सुनहरी आँखें की निर्माण गुणवत्ता इतनी अच्छी होगी यह उम्मीद नहीं थी। जब ममी ने उंगली उठाई तो लगा जैसे समय थम गया हो। ऐसे दृश्य बड़े पर्दे पर देखने लायक हैं। हर छवि में मेहनत साफ़ झलकती है और कहानी को आगे बढ़ाती है।

जादुई जेड का रहस्य

वह जेड की अंगूठी या टुकड़ा किसी जादू की चाबी जैसा लग रहा था। जब उस व्यक्ति ने उसे ममी को सौंपा तो सब हैरान रह गए। सुनहरी आँखें में ऐसे रहस्यमयी पलों की कमी नहीं है। क्या यह सौदा कामयाब होगा? ममी की आँखों में चमक देखकर लगा वह सब जानती है। यह वस्तु कहानी का सबसे अहम हिस्सा बन गई है और सबकी नज़रें इसी पर हैं कि आगे क्या होता है।

लाजवाब अभिनय

सभी कलाकारों ने डर को बहुत अच्छे से व्यक्त किया है। पसीना और गंदगी के शृंगार ने यथार्थवादी रूप दिया है। सुनहरी आँखें की पात्र चयन बहुत सही रही है। जब वह आदमी चिल्लाया तो लगा सच में उसे दर्द हो रहा है। ऐसे दृश्य में अतिरंजना नहीं होनी चाहिए थी जो कि नहीं हुई। हर किरदार का अपना महत्व है और सबने अपनी भूमिका निभाई है बहुत ही खूबसूरती से।

अधूरे अंत का इंतज़ार

कड़ी के अंत में जो अधूरा अंत मिला वह बहुत तगड़ा था। बच्चे की चीख और ममी का हमला देखकर अगला भाग देखने की जल्दी हो गई। सुनहरी आँखें हर बार ऐसे ही रहस्य के साथ खत्म होता है। काला धुआं जब शरीर में घुस रहा था तो बहुत अजीब लग रहा था। अब बारी है अगली कड़ी की जिसका बेसब्री से इंतज़ार है सभी को।

बेहतरीन रोमांचक सफर

कुल मिलाकर यह एक बेहतरीन रोमांचक कहानी है। प्राचीन मंदिर और शाप की कहानी हमेशा से पसंदीदा रही है। सुनहरी आँखें ने इसी विषय को नए अंदाज़ में पेश किया है। नेटशॉर्ट मंच पर ऐसी सामग्री मिलना सुखद है। दोस्तों के साथ देखने का मज़ा दोगुना हो जाता है। हर किसी को यह श्रृंखला एक बार जरूर देखनी चाहिए मनोरंजन के लिए।