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माँ का दिल, बेटी की जिदवां11एपिसोड

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माँ का दिल, बेटी की जिद

मोली एक समझदार बच्ची है। वह अपनी माँ काव्या को चेहरे के दागों की वजह से पिता मोहन की तकलीफें देखती है। मोहन ने ज्योति और टीना को साथ रखा है। काव्या की मौत के बाद मोली शादी में घुसकर मर जाती है। फिर मोली एक साल पीछे जाकर जी उठती है। इस बार वह माँ की जान बचाती है, चेहरे का इलाज कराती है, और उन्हें बदमाश पति से छुड़वा देती है। फिर काव्या अपनी एम्ब्रॉयडरी कला से देश की पहली महिला उद्योगपति बन जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

छोटी बच्ची की मासूमियत ने जीत लिया दिल

इस दृश्य में छोटी बच्ची का अभिनय वाकई लाजवाब है। उसकी आँखों में छिपी शरारत और गंभीरता दोनों ही दर्शकों को बांधे रखती हैं। जब वह कार्ड निकालती है, तो लगता है जैसे कहानी का मोड़ आ गया हो। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे पल ही तो जादू करते हैं। बैकग्राउंड में क्लिनिक का सेटिंग भी बहुत रियलिस्टिक लगा।

सैनिक वर्दी में रोमांस का अनोखा अंदाज

हरियाली भरी वर्दी पहने युवक और सुंदर युवती के बीच की केमिस्ट्री देखते ही बनती है। गलियारे में खड़े होकर बातचीत करना, फिर पैसे देना – सब कुछ इतना नेचुरल लगा। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे रोमांटिक सीन्स दर्शकों को बार-बार देखने पर मजबूर कर देते हैं। एक्टर्स के एक्सप्रेशन भी बहुत क्लीयर थे।

दीवार से टिककर रोने वाली महिला का दर्द

जब वह महिला दीवार से टिककर रोती है, तो दिल दहल जाता है। उसकी आँखों में छिपा दर्द और टूटन साफ झलक रहा था। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे इमोशनल मोमेंट्स ही तो कहानी को गहराई देते हैं। उसका सफेद कुर्ता और प्लेडेड स्कर्ट भी उसके दुख को और भी उभार रहे थे। बहुत ही दिल छू लेने वाला सीन था।

कार्ड का राज़ और उसका असर

छोटी बच्ची द्वारा निकाला गया कार्ड कहानी में एक नया मोड़ ले आता है। जब वह उसे महिला को देती है, तो लगता है जैसे कोई बड़ा खुलासा होने वाला हो। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे छोटे-छोटे डिटेल्स ही तो कहानी को आगे बढ़ाते हैं। कार्ड पर लिखा वर्क आईडी देखकर हैरानी हुई कि इतनी छोटी बच्ची के पास यह कैसे?

क्लिनिक का सेटिंग और उसकी खामोशी

क्लिनिक का सेटिंग बहुत ही शांत और गंभीर था। नीले पर्दे, एनाटॉमी पोस्टर, ग्लोब – सब कुछ इतना रियलिस्टिक लगा। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे सेटिंग्स कहानी के मूड को बनाए रखते हैं। जब युवक दरवाजे पर खड़ा होता है, तो लगता है जैसे कोई बड़ी घटना होने वाली हो। बैकग्राउंड म्यूजिक भी बहुत सूटेबल था।

युवक की वर्दी और उसका अहंकार

हरियाली भरी वर्दी पहने युवक का अंदाज बहुत ही कॉन्फिडेंट था। जब वह युवती से बात करता है, तो उसकी आवाज में एक अलग ही अहंकार झलकता है। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे किरदार कहानी में टेंशन बनाए रखते हैं। उसका युवती को पैसे देना भी एक तरह का पावर गेम लग रहा था। बहुत ही इंटरेस्टिंग कैरेक्टर था।

महिला की चोटी और उसकी मासूमियत

महिला की चोटी और सफेद कुर्ता उसे बहुत ही मासूम और सरल बना रहे थे। जब वह रोती है, तो लगता है जैसे उसका दिल टूट गया हो। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे किरदार दर्शकों के दिल में जगह बना लेते हैं। उसका दीवार से टिककर बैठना और आंसू पोंछना बहुत ही इमोशनल था। बहुत ही खूबसूरत अभिनय था।

दो सैनिकों की बातचीत और उसका रहस्य

दो सैनिकों की बातचीत में एक अलग ही रहस्य था। जब वे एक-दूसरे से बात करते हैं, तो लगता है जैसे कोई बड़ी योजना चल रही हो। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे सीन्स कहानी में सस्पेंस बनाए रखते हैं। उनकी वर्दी और टोपी भी बहुत ही ऑथेंटिक लग रही थी। बहुत ही इंटरेस्टिंग डायलॉग थे।

बच्ची की शरारत और उसका असर

छोटी बच्ची की शरारतें बहुत ही प्यारी लग रही थीं। जब वह कार्ड निकालती है और महिला को देती है, तो लगता है जैसे वह कुछ बड़ा करने वाली हो। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे किरदार कहानी में हल्कापन लाते हैं। उसकी आँखों में छिपी शरारत और गंभीरता दोनों ही बहुत ही क्यूट थीं। बहुत ही लाजवाब अभिनय था।

गलियारे में रोमांस और उसकी खामोशी

गलियारे में खड़े होकर युवक और युवती की बातचीत बहुत ही रोमांटिक थी। जब वह उसे पैसे देता है, तो लगता है जैसे वह उसे कुछ बताना चाहता हो। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे सीन्स दर्शकों को बार-बार देखने पर मजबूर कर देते हैं। उनकी केमिस्ट्री भी बहुत ही अच्छी थी। बहुत ही खूबसूरत दृश्य था।