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भेड़ियों से घिरी

बेला, एक करियर-उन्मुख महिला, अपनी शादी को परफेक्ट समझती थी – जब तक एक दुर्घटना ने उसे एक विकृत सच नहीं बता दिया: उसका पति वाइल्डर और उसका भाई क्रॉस ने एक रहस्यमयी ज्योतिष यंत्र से आत्माओं की अदला-बदली कर ली थी। एक जादूगर ने दावा किया कि इसका एकमात्र उपाय बेला का उनमें से एक के साथ सोना है...
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इस एपिसोड की समीक्षा

दादी का गुस्सा साफ़ दिख रहा था

इस शो में तनाव इतना बढ़ गया है कि सांस लेना मुश्किल हो रहा है। दादी का प्रवेश होते ही माहौल बदल गया। उनकी आंखों में निराशा साफ़ झलक रही थी। भेड़ियों से घिरी कहानी अब बहुत गहरी होती जा रही है। हर किरदार अपने राज छिपाए हुए है। सब कुछ इतनी तेजी से बदल रहा है कि समझ नहीं आ रहा।

दो लड़कों के बीच फंसी लड़की

बेचारी ब्लॉन्ड लड़की किस मुसीबत में फंस गई है। एक तरफ रोब वाला लड़का और दूसरे तरफ तौलिए वाला लड़का। दोनों के बीच की दुश्मनी हवा में तैर रही थी। भेड़ियों से घिरी का यह एपिसोड दिल धड़कने वाला था। आगे क्या होगा सोचकर डर लग रहा है। क्या वह चुन पाएगी सही रास्ता।

कमरे का माहौल बहुत भारी था

लग्जरी कमरे में भी सुकून नहीं है। दीवारें भी इनके राज़ जानती होंगी। जब वह दरवाजे से बाहर गईं तो सबकी सांसें रुक गईं। भेड़ियों से घिरी में हर पल नया ट्विस्ट आ रहा है। अभिनय बहुत ही दमदार लगा मुझे। सबकी एक्टिंग देखते ही बनती थी। माहौल में बिजली सी कौंध रही थी।

तौलिए वाला लड़का हैरान था

उसकी आंखों में सवाल थे पर जुबान खामोश थी। क्यों वह वहीं खड़ा रहा। क्या वह कुछ बोलना चाहता था। भेड़ियों से घिरी के निर्देशक ने हर चेहरे के भाव को कैद किया है। यह दृश्य बहुत यादगार बन गया है। हर एक्सप्रेशन मायने रखता था। चुप्पी सबसे बड़ा शोर बन गई थी वहां।

रोब वाले लड़के की पकड़ मजबूत थी

उसने लड़की की कमर पर हाथ रखा तो लगा वह उसे छोड़ेगा नहीं। यह अधिकार जताने वाला अंदाज बहुत खतरनाक था। भेड़ियों से घिरी में रिश्तों की यह जंग देखने लायक है। कौन जीतेगा यह तो समय बताएगा। पकड़ बहुत मजबूत थी। किसी को हिलने नहीं दिया उसने।

काले लिबास में लड़की अलग लग रही थी

बाद वाले दृश्य में वह बिस्तर पर अकेली थी। उसका काला लिबास उसकी उदासी को बयां कर रहा था। जमीन पर बैठे लड़के की हालत खराब थी। भेड़ियों से घिरी की कहानी में उतार चढ़ाव बहुत है। मुझे यह पसंद आ रहा है। रंगों का खेल भी कमाल का था। अंधेरा भी उनकी कहानी कह रहा था।

खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी

जब कोई नहीं बोला तो सबसे ज्यादा बात हुई। नजरें सब कुछ कह रही थीं। दादी का जाना और फिर वह सन्नाटा। भेड़ियों से घिरी ने साबित किया कि डायलॉग जरूरी नहीं हैं। चेहरे भी कहानी कह सकते हैं। बहुत खूबसूरत तरीका है। शब्दों की जरूरत नहीं पड़ी। खामोशी ने सब कुछ बयां कर दिया था।

परिवार का राज़ बाहर आने वाला है

लग रहा है कि यह मिलन किसी बड़ी मुसीबत की शुरुआत है। दादी को सब पता चल गया है शायद। भेड़ियों से घिरी में अब बड़ा धमाका होने वाला है। मैं अगला एपिसोड देखने के लिए बेताब हूं। रात भर नींद नहीं आएगी। तनाव बहुत बढ़ गया है। इंतजार करना मुश्किल हो रहा है।

हर किरदार में है छिपा दर्द

सिर्फ गुस्सा नहीं, हर आंख में दर्द साफ़ दिख रहा था। चाहे वह लड़की हो या दोनों लड़के। भेड़ियों से घिरी ने इमोशन को बहुत गहराई से दिखाया है। यह सिर्फ एक शो नहीं जिंदगी का टुकड़ा है। दिल को छू गया यह। असली जज्बात थे सब। रोना आ रहा था यह देखकर।

अंत में सब कुछ उलट गया

जो लगा था सब ठीक हो जाएगा वह नहीं हुआ। उल्टा और उलझन बढ़ गई। भेड़ियों से घिरी का यह मोड़ बहुत तेज था। निर्माताओं ने दर्शकों को बांधे रखने का हुनर दिखाया है। मैं फंस चुका हूं इस कहानी में। आगे क्या होगा कोई नहीं जानता। हैरानी के आगे कोई सीमा नहीं है।