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भिखारिन बनेगी मालकिनवां3एपिसोड

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भिखारिन बनेगी मालकिन

वसुंधरा असल में स्वप्न ग्रुप की मालकिन है, पर अच्छे लोगों को मौका देने के लिए वह भिखारिन बनकर सड़क पर बैठ जाती है। विहान उसे पैसे देता है, वह उसे पचास लाख का चेक देती है, पर वह ठुकरा देता है। बाद में विहान की माँ उससे गर्लफ्रेंड लाने को कहती है, तो वह वसुंधरा से नकली गर्लफ्रेंड बनने का अनुरोध करता है। वह मान जाती है, और विहान उसे अच्छे कपड़े पहनाकर घर ले जाता है। वहाँ वह उसकी माँ से कहती है कि वह शहर की है और उसके घर कंपनी है – पर यह कंपनी असल में उसकी अपनी होती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सड़क पर मिली किस्मत

यह दृश्य देखकर दिल पिघल गया। एक अमीर लड़का और एक गरीब लड़की का मिलना किसी जादू से कम नहीं है। जब उसने अपने पैसे दिए, तो लगा जैसे भिखारिन बनेगी मालकिन वाली कहानी सच हो रही हो। उनकी आँखों में जो उम्मीद थी, वो किसी फिल्म से कम नहीं लग रही थी।

प्यार की शुरुआत

कितना सुंदर पल था जब उसने उसे पैसे दिए। शायद यही वह पल था जब भिखारिन बनेगी मालकिन की कहानी शुरू हुई। उनकी मुलाकात साधारण थी, लेकिन नज़रों में कुछ खास था। ऐसा लगा जैसे दो अलग दुनिया के लोग एक दूसरे को ढूंढ रहे थे।

नज़रों का जादू

उनकी नज़रें इतनी गहरी थीं कि लग रहा था जैसे वे एक दूसरे को सालों से जानते हों। भिखारिन बनेगी मालकिन की कहानी में यह पल सबसे खास था। उसने न सिर्फ पैसे दिए, बल्कि एक उम्मीद भी दी। ऐसा लगा जैसे किस्मत बदलने वाली हो।

किस्मत का खेल

सड़क पर मिलना और फिर एक दूसरे को देखना, यह सब किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था। भिखारिन बनेगी मालकिन की कहानी में यह पल सबसे यादगार था। उसने न सिर्फ मदद की, बल्कि एक नई शुरुआत भी की। ऐसा लगा जैसे किस्मत का खेल शुरू हो गया हो।

उम्मीद की किरण

जब उसने उसे पैसे दिए, तो लगा जैसे एक उम्मीद की किरण जगमगा उठी हो। भिखारिन बनेगी मालकिन की कहानी में यह पल सबसे भावुक था। उनकी आँखों में जो चमक थी, वो किसी सपने से कम नहीं लग रही थी। ऐसा लगा जैसे कुछ बड़ा होने वाला हो।

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