इस शो में दीवारों पर बने चित्र सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि प्लॉट का अहम हिस्सा हैं। जब वे दोनों पात्र उन चित्रों को देखते हैं, तो उनकी आंखों में डर और हैरानी साफ दिखती है। खासकर वह जलते घर और भगदड़ वाला चित्र दिल दहला देता है। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा दो की कहानी इन चित्रों के जरिए धीरे-धीरे खुलती है, जो दर्शकों को बांधे रखती है। सेट डिजाइन और लाइटिंग का कमाल है।
जब जमीन पर वह नीला जादुई मंडल जगमगाया, तो पूरा माहौल बदल गया। बिजली की कड़कड़ाहट और चारों तरफ खड़ी मूर्तियां। ऐसा लगा जैसे कोई प्राचीन अनुष्ठान शुरू हो गया हो। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा दो में यह दृश्य विजुअल इफेक्ट्स का बेहतरीन उदाहरण है। पात्रों के चेहरे पर डर और आश्चर्य का मिश्रण देखकर लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन्स देखने का मजा ही अलग है।
वह पत्थर की मूर्तियां जब नीली आंखों से चमकने लगीं और उनमें से बिजली निकलने लगी, तो सच में डर लग रहा था। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा दो में विलेन या खतरे का यह रूप बहुत ही अनोखा है। सफेद पोशाक वाला पात्र और काले कपड़ों वाली महिला, दोनों की प्रतिक्रियाएं बिल्कुल असली लगती हैं। ऐसा लगता है कि वे किसी प्राचीन श्राप या जादू का सामना कर रहे हैं। सीजीआई का इस्तेमाल बहुत प्रभावशाली है।
पात्रों की पोशाकें और हेयरस्टाइल देखकर ही पता चल जाता है कि यह एक पीरियड ड्रामा या फैंटेसी शो है। सफेद रोब में लाल बेल्ट और काले आउटफिट पर चांदी की बारीकियां... हर डिटेल पर ध्यान दिया गया है। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा दो के कॉस्ट्यूम डिजाइनर वाकई काबिले तारीफ हैं। ये कपड़े न सिर्फ खूबसूरत हैं, बल्कि पात्रों के व्यक्तित्व को भी उभारते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे प्रोडक्शन वैल्यू देखकर खुशी होती है।
पूरे एपिसोड में एक अजीब सा तनाव बना रहता है। अंधेरा कमरा, टिमटिमाती मशालें, और दीवारों पर बने डरावने चित्र। सब कुछ एक रहस्य की ओर इशारा करता है। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा दो में डायरेक्टर ने माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पात्रों की चुप्पी और उनकी नजरें मिलने का तरीका भी कहानी आगे बढ़ाता है। दर्शक के रूप में आप भी उस कमरे में मौजूद होने का अहसास करते हैं।