सफेद और लाल पोशाक में वह युवक जब आगे बढ़ा, तो लगा जैसे कोई देवता उतर आया हो। उसके हाथों का इशारा और चेहरे की मुस्कान सबको हैरान कर रही थी। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में उसका प्रवेश एक नए अध्याय की शुरुआत लगता है। वह सिर्फ खड़ा था, लेकिन सबकी नजरें उसी पर थीं।
काले और चांदी के वस्त्रों में सजी वह महिला जब चाय का प्याला उठाती है, तो उसकी उंगलियों में एक अजीब सी ठंडक है। उसकी आँखों में संदेह और सावधानी दोनों झलक रही थी। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में उसका किरदार बहुत गहराई से लिखा गया है। वह सिर्फ पी रही थी, लेकिन उसकी नजरें सब कुछ नाप रही थीं।
पीछे खड़ी भीड़ के चेहरों पर डर और उत्सुकता का अजीब मिश्रण था। कुछ लोग फुसफुसा रहे थे, कुछ हैरान थे। जब सु शियांग आगे बढ़ा, तो सबकी सांसें रुक सी गईं। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में यह दृश्य बहुत ही तनावपूर्ण था। हर कोई जानना चाहता था कि आगे क्या होगा।
वह लकड़ी का टैग, जिस पर 'सु शियांग' लिखा था, सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक पहचान थी। जब वह उसे दिखाता है, तो लगा जैसे वह अपने अतीत को चुनौती दे रहा हो। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में यह छोटी सी चीज बहुत बड़ा असर छोड़ती है। उसकी पकड़ में वह टैग एक हथियार से कम नहीं था।
सु शियांग ने जब वह टैग दिखाया, तो उसकी आवाज नहीं, लेकिन उसकी आँखों ने सब कुछ कह दिया। वह शांत था, लेकिन उसकी शांति में एक तूफान छिपा था। दुनिया का सबसे बड़ा आवारा २ में उसका यह अंदाज बहुत ही प्रभावशाली था। वह जानता था कि वह क्या कर रहा है।