जब स्क्रीन पर 'तीन महीने बाद' लिखा आया, तो लगा कहानी में बड़ा मोड़ आएगा। आर्यन अब शेफ की वर्दी में ठेला धकेल रहा है, और वही कार वाली महिला उसे देखकर चौंक गई। (डबिंग) गायब महाराज का यह सीन सस्पेंस से भरा है। क्या वह उसे पहचान पाएगी?
ऊंची इमारतों के बीच छोटे ठेले वाला दृश्य बहुत प्रभावशाली है। आर्यन और उसका दोस्त मेहनत से काम कर रहे हैं, जबकि अमीर कारें उनके पास से गुजर रही हैं। (डबिंग) गायब महाराज ने शहर की विषमता को खूबसूरती से दिखाया है। हर चेहरे पर एक कहानी है।
कार में बैठी महिला की आंखें जब आर्यन को देखकर फैल गईं, तो लगा जैसे कोई पुरानी याद ताजा हो गई हो। उसका 'मुझे लगता है मैंने आर्यन को देखा' वाला डायलॉग दिल दहला देने वाला था। (डबिंग) गायब महाराज में यह पल सबसे ज्यादा इमोशनल था।
जब आर्यन के हाथ ठीक होने की बात हुई, तो उसके दोस्त ने राहत की सांस ली और तुरंत नए काम की योजना बनाई। यह दिखाता है कि सच्चा दोस्त वही है जो मुसीबत में साथ खड़ा रहे। (डबिंग) गायब महाराज में यह रिश्ता बहुत प्यारा लगा।
आर्यन का ठेला धकेलना और फिर अमीर कार में बैठे लोगों से टकराव – यह दृश्य शहर की दो दुनियाओं को दिखाता है। (डबिंग) गायब महाराज ने बिना डायलॉग के ही बहुत कुछ कह दिया। क्या यह महिला आर्यन की पुरानी जान-पहचान है?