जब वो काले कोट में दाखिल हुआ, तो कमरे की हवा थम सी गई। लाल कार्पेट, पुरानी लकड़ी की खुशबू और सबकी झुकी नज़रें—सब कुछ बता रहा था कि यहाँ नया राज आ गया है। मरून सूट वाले की हिम्मत देखकर हैरानी हुई, पर सिंहासन वाले की आँखों में वो ठंडक थी जो तूफ़ान से पहले आती है। जेल से निकला शेर का ये अंदाज़ दिल दहला देता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखने का मज़ा ही कुछ और है, जैसे खुद उस हॉल में खड़े हों। हर नज़र, हर खामोशी में तनाव भरा है।