जब वह हरा कंगन हवा में उछला, तो सिर्फ कांच नहीं टूटा, बल्कि दो दिलों के बीच का भरोसा भी चकनाचूर हो गया। सफेद पोशाक वाली लड़की की चीख में दर्द था, लेकिन काले कपड़ों वाली की आंखों में एक अजीब सी जीत थी। गलत हाथों में दिल की यह दुनिया कितनी खूबसूरत और कितनी क्रूर है, जहां प्यार की कीमत पत्थरों से चुकाई जाती है।
मोती की माला पहने वह महिला जब घबराती है, तो लगता है कि पैसा भी कुछ पलों में बेबस हो जाता है। फर्श पर गिरी वह लड़की अपनी जगह से नहीं हिली, बस अपनी नजरों से जवाब देती रही। गलत हाथों में दिल की कहानी बताती है कि इंसान की असली ताकत उसके कपड़ों में नहीं, उसके हौसले में होती है।
कंगन के टूटने की आवाज इतनी तेज थी कि कमरे की सारी सांसें रुक गईं। उस लड़के की हैरानी देखने लायक थी, जो बस तमाशबीन बना रहा। गलत हाथों में दिल के इस ड्रामे में हर किरदार अपने आप में एक पूरी कहानी है। काले लेस वाली लड़की की चालाकी और सफेद कपड़ों वाली की मासूमियत का टकराव दिल दहला देने वाला है।
हरे रंग का कंगन आमतौर पर उम्मीद का प्रतीक माना जाता है, लेकिन यहां यह नफरत का हथियार बन गया। वह लड़की जब उसे तोड़ती है, तो लगता है जैसे उसने अपने अंदर के सारे गुस्से को बाहर निकाल दिया हो। गलत हाथों में दिल की यह कहानी हमें सिखाती है कि कभी-कभी प्यार भी जहर बन सकता है अगर वह गलत इंसान के हाथ लग जाए।
उस लड़की ने जब फर्श से उठकर खड़े होने की कोशिश की, तो उसकी आंखों में आंसू नहीं, एक अजीब सी खामोशी थी। वह खामोशी हजार चीखों से ज्यादा शोर मचा रही थी। गलत हाथों में दिल की इस कहानी में हर डायलॉग से ज्यादा असरदार ये खामोश पल हैं। काले कपड़ों वाली लड़की की जीत अधूरी है क्योंकि उसने दिल नहीं, सिर्फ कांच तोड़ा है।