जब वह पिता मिट्टी खोदकर अपनी बेटी को बाहर निकालता है, तो दिल दहल जाता है। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में यह दृश्य सबसे ज्यादा भावनात्मक है। उसकी आंखों में गुस्सा और लाचारी दोनों साफ दिख रहे थे। बेटी के चेहरे पर खून के निशान देखकर रोना आ गया। यह सिर्फ एक एक्शन सीन नहीं, बल्कि एक बाप के टूटे हुए दिल की कहानी है।
मशालों की रोशनी में चलते हुए वो समूह किसी दुश्मन की तरह लग रहा था। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम का यह हिस्सा बहुत ही सस्पेंस से भरा हुआ है। जब वो झोपड़ी के पास पहुंचते हैं, तो लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। पिता की चिंता और बेटी की हालत देखकर डर लग रहा था कि कहीं वो लोग कुछ गलत न कर दें।
उस पिता ने अपनी बेटी को गोद में उठाया और झोपड़ी में ले गया। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में यह दृश्य बहुत ही प्यारा और दर्दनाक है। बेटी के चेहरे पर चोट के निशान थे, लेकिन पिता का प्यार उसे सहारा दे रहा था। जब वो उसके हाथ को पकड़कर रोता है, तो लगता है कि दुनिया की सारी तकलीफ उसी में समा गई है।
झोपड़ी के अंदर का माहौल बहुत ही उदास और डरावना था। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में यह जगह कहानी का दिल है। दीवारों पर लटकते सूखे मांस और जलती मोमबत्ती ने एक अजीब सी खामोशी पैदा की थी। जब बेटी बेहोश पड़ी थी और पिता उसके पास बैठा था, तो लगता था कि समय थम गया है।
जब वो नीले कपड़ों वाला आदमी सामने आया, तो उसकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। खूनी तलवार: एक पिता का इंतकाम में यह किरदार बहुत ही रहस्यमयी लगता है। उसके पीछे खड़े लोग भी डरावने लग रहे थे। लगता है कि यह आदमी उस पिता का दुश्मन है और अब कुछ बड़ा होने वाला है।