जब उस बूढ़े गुरु ने उस युवक के कंधे पर हाथ रखा और सुनहरी रोशनी निकली, तो मेरी रूह कांप गई। उस युवक के मुंह से झाग निकलना और गिर जाना किसी डरावने सपने जैसा लगा। खूनी तलवार एक पिता का इंतकाम में ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। उस बूढ़े की आंखों में पागलपन और शक्ति दोनों झलक रही थी।
वह लड़की जो पीली साड़ी पहने खंभे के पीछे छिपी थी, उसकी आंखों में डर और जिज्ञासा दोनों थे। जब वह बाहर आई और सबके सामने खड़ी हुई, तो लगा जैसे वह किसी बड़े रहस्य को सुलझाने वाली हो। खूनी तलवार एक पिता का इंतकाम में उसके किरदार की गहराई बहुत प्रभावशाली है। उसकी चुप्पी भी बहुत कुछ कह जाती है।
मंदिर के आंगन में जब सभी लोग इकट्ठा हुए और बीच में काला कपड़ा बिछा था, तो माहौल में अजीब सा तनाव था। सबकी नजरें उस लड़की पर थीं जो पीली साड़ी में खड़ी थी। खूनी तलवार एक पिता का इंतकाम के इस दृश्य में दिशा-निर्देशन बहुत तेज है। हर किरदार की प्रतिक्रिया अलग-अलग और दिलचस्प है।
जब वह बूढ़ी महिला चिल्लाई और उसने उस लड़की की तरफ इशारा किया, तो लगा जैसे वह किसी पुराने राज को जानती हो। उसके चेहरे पर गुस्सा और डर दोनों थे। खूनी तलवार एक पिता का इंतकाम में ऐसे किरदार कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसकी आवाज में दम था और आंखों में आंसू।
वह युवक जो नीले वस्त्र पहने था और बांहें बांधे खड़ा था, उसकी आंखों में चुनौती थी। वह उस लड़की को घूर रहा था जैसे वह उससे कुछ छिपा रही हो। खूनी तलवार एक पिता का इंतकाम में उसके किरदार में एक अलग तरह का आकर्षण है। उसकी चुप्पी भी बहुत कुछ कह जाती है।