सफेद बाल वाले गुरु की मौजूदगी ही कुछ और है, उनकी आंखों में एक अलग ही चमक है। जब उन्होंने तलवार को हाथ में लिया, तो लगा जैसे समय थम गया हो। कैंची का जादूगर में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं जहां बिना संवाद के ही इतनी गहराई महसूस हो। चमड़े की जैकेट वाला लड़का भ्रमित लग रहा था, पर गुरु का शांत स्वभाव सब कुछ कह रहा था। यह सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए।
आधुनिक कपड़ों और प्राचीन वातावरण का मेल बहुत अनोखा लगा। चमड़े की जैकेट पहने युवक और सफेद पोशाक वाले गुरु के बीच का संवाद बिना शब्दों के ही भारी था। कैंची का जादूगर की कहानी में यह टकराव बहुत दिलचस्प मोड़ ले सकता है। तलवार की धार और गुरु की पकड़ ने ताकत का अंदाजा लगा दिया। सेट की सजावट भी कमाल की है, पुराने जमाने का अहसास दिलाती है।
नकाबपोश योद्धा के प्रवेश ने सीन को पूरी तरह बदल दिया। सुनहरा मुखौटा और काली पोशाक में वह किसी रहस्यमयी दुश्मन जैसे लग रहे थे। कैंची का जादूगर में खलनायक का ऐसा लुक पहले नहीं देखा। जब उसने तलवार निकाली, तो सामने खड़े व्यक्ति की घबराहट साफ दिख रही थी। एक्शन सीन की शुरुआत होने वाली है या कोई बड़ा खुलासा होगा, यह देखना बाकी है।
गुरु द्वारा तलवार की जांच करने का तरीका बहुत ही माहिराना था। उन्होंने इसे ऐसे पकड़ा जैसे यह उनकी अपनी अंगुली का हिस्सा हो। कैंची का जादूगर के इस प्रकरण में हथियारों का महत्व बहुत बढ़ गया है। युवक की हैरानी जायज थी, क्योंकि ऐसी तलवार आम नहीं होती। पृष्ठभूमि में जलते दीये और शांत वातावरण ने ड्रामा को और बढ़ा दिया। बहुत ही खूबसूरत सिनेमेटोग्राफी है।
सफेद बालों वाले गुरु के चेहरे के भाव पढ़ना मुश्किल था, पर उनकी आवाज में वजन जरूर होगा। कैंची का जादूगर में किरदारों की गहराई धीरे-धीरे सामने आ रही है। चमड़े की जैकेट वाला शख्स किसी अतीत की खोज में लग रहा है। जब गुरु ने तलवार सौंपी, तो जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। यह सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि एक विरासत है। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, यह सोचकर ही उत्सुकता बढ़ रही है।
काले कपड़ों वाले नकाबपोश का अंदाज बहुत खतरनाक लग रहा था। उसकी आंखें मुखौटे के पीछे छिपी थीं, पर इरादे साफ झलक रहे थे। कैंची का जादूगर में ऐसे विरोधी से टकराव रोमांचक होगा। सामने खड़े युवक की घबराहट लाजमी थी। तलवार की नोक जब सामने आई, तो सस्पेंस अपने चरम पर था। एक्शन और ड्रामा का यह मिश्रण दर्शकों को बांधे रखेगा। बस अगली कड़ी कब आएगी, यही इंतजार है।
सेट की सजावट ने प्राचीन चीन का माहौल बना दिया है। लकड़ी के खंभे और पुरानी इमारतें देखकर लगता है कि हम किसी दूसरी दुनिया में हैं। कैंची का जादूगर की निर्माण गुणवत्ता काफी उच्च लग रही है। गुरु की सफेद पोशाक पर काली स्याही जैसी डिजाइन बहुत कलात्मक थी। हर फ्रेम को पेंटिंग की तरह सजाया गया है। दृश्य कथा में यह शो आगे है। देखने वाले को हर पल नया कुछ देखने को मिलता है।
युवक के चेहरे पर हैरानी और सम्मान दोनों साफ दिख रहे थे। गुरु के सामने वह छोटा बच्चा लग रहा था। कैंची का जादूगर में गुरु-शिष्य का रिश्ता बहुत अहम लग रहा है। तलवार को स्वीकार करना उसके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं था। भावनाओं का यह खेल बिना ज्यादा संवाद के ही असरदार बना। अभिनेताओं की बॉडी लैंग्वेज ने सब कुछ कह दिया। ऐसे सीन दिल पर गहरा असर छोड़ते हैं।
नकाबपोश योद्धा के हाथ में तलवार देखकर खतरे की घंटी बज गई। उसका अंदाज इतना आत्मविश्वास से भरा था कि लगता था वह जीत चुका है। कैंची का जादूगर में अब लड़ाई का माहौल बन रहा है। सामने खड़े व्यक्ति के पास बचने का कोई रास्ता नहीं लग रहा था। तनाव इतना था कि सांस रुक जाती थी। एक्शन दृश्य की शुरुआत होने वाली है। लड़ाई की बनावट कैसी होगी, यह देखना बाकी है।
इस शो में हर किरदार का अपना एक राज है। गुरु का शांत स्वभाव और नकाबपोश का आक्रामक रवैया एक दूसरे के विपरीत हैं। कैंची का जादूगर की कहानी में यह टकराव बहुत बड़ा होने वाला है। चमड़े की जैकेट वाला लड़का शायद इन दोनों के बीच की कड़ी है। कहानी में उतार-चढ़ाव देखकर मजा आ रहा है। हर एपिसोड के बाद नया सवाल खड़ा हो जाता है। ऐसे शो देखने की आदत पड़ जाती है। लगातार देखने लायक है।