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अंधकार का वारिसवां37एपिसोड

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अंधकार का वारिस

नायक एक अनाथालय में बड़ा हुआ। वह पूरे स्कूल में सबसे कमज़ोर था, जिसे हर कोई सताता था। तीन सौ रुपये में किसी ने उसके बालों का एक तार खरीद लिया – और उसकी किस्मत बदल गई। डीएनए जांच से पता चला कि वह पूरे प्रदेश के सबसे बड़े माफिया का असली बेटा था। रोते हुए माता-पिता और असीमित काले धन को देखकर उसकी सोच टूट गई। जब बच नहीं सकता, तो उसने तय किया – बुराई से बुराई का मुकाबला करेगा, उन्हीं के नियमों से पलटवार करेगा। जिन्होंने कभी उसे रौंदा था, वे अब अपने परिवार सहित उसके सामने घुटने टेकेंगे...
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इस एपिसोड की समीक्षा

आंसुओं की बारिश

इस दृश्य में जो दर्द दिखाया गया है वह दिल को छू लेता है। बारिश की आवाज़ और कमरे का अंधेरा माहौल कहानी को गहरा बनाता है। अंधकार का वारिस में ऐसे सीन देखकर लगता है कि हर रिश्ते में कुछ न कुछ छिपा होता है। पत्नी की आंखों में जो बेचैनी है वह शब्दों से बयां नहीं होती। नेटशॉर्ट ऐप पर यह नाटक देखना एक अलग ही अनुभव है।

सिगरेट का धुआं और खामोशी

जब वह शख्स सिगरेट जलाता है तो लगता है जैसे उसने सभी सवालों को धुएं में उड़ा दिया हो। सामने खड़ी पत्नी की हालत देखकर रूह कांप जाती है। पेट पर हाथ रखकर वह किस दर्द से गुजर रही है, यह जानने की उत्सुकता बढ़ती जाती है। अंधकार का वारिस की कहानी में यह मोड़ बहुत ही नाटकीय है। चित्रण की बारीकियां भी कमाल की हैं।

टूटे हुए रिश्ते की आहट

मेज पर बिखरी शराब की बोतलें सब कुछ बता रही हैं। शायद रात भर बहस चलती रही होगी। पति का गुस्सा और पत्नी का डर साफ झलक रहा है। अंधकार का वारिस जैसे कार्यक्रम में ऐसे परिवारिक क्लेश को बहुत बखूबी दिखाया गया है। दर्शकों को यह जरूर पसंद आएगा। नेटशॉर्ट ऐप पर मिलने वाली गुणवत्ता वाकई शानदार है।

खामोश चीखें

बिना कुछ बोले ही इतना शोर मचाना इस कार्यक्रम की खासियत है। पत्नी की आंखों से गिरते आंसू और पति का पत्थर सा चेहरा। लगता है कोई बड़ा राज खुलने वाला है। अंधकार का वारिस में सस्पेंस बना हुआ है। रात के इस पहर में यह दृश्य बहुत भारी लगता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसी सामग्री को देखना सुकून देता है।

रात का अंधेरा सच

खिड़की के बाहर बारिश और अंदर तूफान। पति का व्यवहार सख्त है लेकिन शायद उसके पास भी कोई मजबूरी हो। पत्नी की हालत देखकर तरस आता है। अंधकार का वारिस की पटकथा बहुत मजबूत लग रही है। हर फ्रेम में एक कहानी छिपी है। नेटशॉर्ट ऐप की प्रणाली भी बहुत आसान है जिससे देखने में मजा आता है।

दर्द का साया

पेट को पकड़कर खड़ी होना कोई सामान्य बात नहीं लग रही। शायद वह बीमार है या कोई और वजह है। पति की उदासीनता और भी चुभती है। अंधकार का वारिस में भावनाओं को जिस तरह पिरोया गया है वह काबिले तारीफ है। ऐसे नाटक कम ही देखने को मिलते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर वक्त बिताना अच्छा लगता है।

धुएं में लिपटी रात

लाइटर की आग और सिगरेट का धुआं माहौल को और भी गहरा कर देता है। सामने खड़ी पत्नी शायद मदद मांग रही है लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। अंधकार का वारिस की यह कड़ी बहुत ही भावुक है। कलाकारों का अभिनय काल्पनिक होने के बावजूद असली लगता है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह लड़ी जरूर देखनी चाहिए।

रिश्तों की कशमकश

सोफे पर बैठे उस व्यक्ति का गुस्सा साफ दिख रहा है। सामने खड़ी युवती रो रही है लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ रहा। अंधकार का वारिस में दिखाया गया यह तनाव बहुत ही वास्तविक है। लगता है कहानी में बड़ा मोड़ आने वाला है। नेटशॉर्ट ऐप की वजह से ऐसे कार्यक्रम आसानी से मिल जाते हैं।

आंसुओं की कीमत

हर आंसू की एक कीमत होती है जो इस दृश्य में साफ झलकती है। पति का रवैया सख्त है पर शायद पीछे कोई वजह हो। अंधकार का वारिस की कहानी धीरे धीरे खुल रही है। रात के अंधेरे में यह नाटक और भी गहरा लगता है। नेटशॉर्ट ऐप पर सामग्री की विविधता बहुत अच्छी है।

खामोश गवाह

कमरे में पड़ी चीजें इस बात की गवाह हैं कि रात कैसे गुजरी होगी। शराब की बोतलें और राखदान सब कुछ बता रहे हैं। अंधकार का वारिस में बारीकरी पर बहुत ध्यान दिया गया है। पत्नी की बेबसी देखकर दिल भारी हो जाता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कार्यक्रम देखना एक अच्छा अनुभव है।