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अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दीवां7एपिसोड

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अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दी

नायक ने सालों उसे 'पत्नी' कहा, पर आज उसकी शादी का लाइव प्रसारण हो रहा है। दुनिया उसे रखेल समझती है। वे नहीं जानते वह उसके घर में रही, उसकी अंगूठी पहनी। शादी के दिन उसने गार्ड लगा दिए – पर वह टूटी नहीं। सिर्फ एक डिब्बा छोड़कर गायब हो गई। वह डिब्बा खोलेगा तो जानेगा कि वह चीज़ जो कभी बदली नहीं जा सकती, वह हमेशा के लिए जा चुकी है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

शादी के बीच टूटा दिल

शादी की खुशियों के बीच अचानक फोन का मैसेज आया और सब कुछ बदल गया। दुल्हन मुस्कुरा रही थी पर दूल्हा अंदर से पूरी तरह टूट गया था। अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दी ने दर्द को बहुत खूबसूरती से दिखाया है। हर पल में एक नया राज है जो देखने वाले को बांधे रखता है और सोचने पर मजबूर करता है। अभिनय बहुत ही लाजवाब है जो आपको रुला देगा। संगीत भी माहौल के हिसाब से बहुत सही था।

श्रीमती का राज

श्रीमती नॉर्थकॉट की एंट्री ने पूरे माहौल को बदल दिया। लगता था सब कुछ उनके इशारे पर हो रहा है और दूल्हा बेचारा बुरी तरह फंस गया था। अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दी की कहानी में सस्पेंस बहुत गहरा है। कौन सच कह रहा है और कौन झूठ यह पता लगाना मुश्किल हो गया है। हर किरदार की अपनी मजबूरी है जो कहानी को आगे बढ़ाती है।

टूटी खिड़की का डर

महल जैसे घर में टूटी खिड़की और लटका कपड़ा देखकर बहुत डर लग गया। क्या वहां कोई बड़ा हादसा हुआ था या कोई खेल चल रहा था। अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दी के सीन्स बहुत प्रभावशाली हैं। हर कोने में एक कहानी छिपी है जो धीरे धीरे खुलती है और दर्शकों को हैरान करती है। रोमांच बना रहेगा।

आंसूओं की कहानी

काले बालों वाली लड़की की आंखों में आंसू देखकर दिल पसीज गया। वह कौन थी और क्यों रो रही थी यह जानना जरूरी है। अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दी में भावनात्मक गहराई बहुत मजबूत हैं। यह सिर्फ एक कहानी नहीं बल्कि एक एहसास है जो सीधे दिल पर चोट करता है। बहुत प्यारी लगी।

बधाई या मजाक

अंगूठी और कार्ड देखकर बहुत हैरानी हुई। शादी की बधाई जब दिल टूट रहा हो तो बहुत मजाक लगती है। अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दी की कथा बहुत पैनी है। ऐसे मोड़ जो सोचे नहीं थे और हर बार नया झटका देते हैं। कहानी बहुत गहरी है। देखने लायक है।

बिना शब्दों का दर्द

दूल्हे की आंखों में जो दर्द था वह शब्दों में बयां नहीं हो सकता। बिना संवाद के ही सब कुछ समझ आ गया था। अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दी ने मुझे रात भर जगाए रखा। काश अंत कुछ और होता और सब ठीक हो जाता। बहुत भावुक यात्रा है। आंसू रुके नहीं।

भागता हुआ दूल्हा

शादी छोड़कर भागना आसान नहीं होता पर उसने हिम्मत दिखाई। पर वह कहाँ जा रहा था इतनी रात में यह जानना जरूरी है। अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दी की रफ्तार बहुत तेज है। हर हिस्से में नया मोड़ मिलता है जो बोर नहीं होने देता। समय बर्बाद नहीं होगा।

नौकरानी की चिंता

नौकरानी के चेहरे पर भी चिंता साफ दिख रही थी। शायद उसे सब पता था जो दूल्हे को नहीं था। अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दी में किरदार बहुत गहरे हैं। हर किसी का अपना राज है जो कहानी को आगे बढ़ाता है और दर्शकों को बांधे रखता है। रहस्य बना रहेगा।

अंत की उम्मीद

अंत में अंगूठी को हाथ में लेकर वह क्या सोच रहा था। शायद पछतावा या फिर नई शुरुआत की उम्मीद होगी। अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दी का अंत बहुत प्रभावशाली है। ऐसे अंत जो लंबे समय तक याद रहते हैं और दिल को छू लेते हैं। जरूर देखें।

लग्जरी और दर्द

लग्जरी सेटिंग्स हैं पर दिल टूटे हुए हैं। यह कंट्रास्ट बहुत खूबसूरत लगा। अंगूठी जो मैंने अलविदा कहकर गिरा दी हर नाटक प्रेमी को पसंद आएगी। एक बार जरूर देखें और अपनी राय बताएं। कहानी बहुत ही अनोखी और दिलचस्प है। मजा आ जाएगा।