पैंथर का मार्क की शुरुआत ही इतनी धमाकेदार होगी, ये किसी ने सोचा भी नहीं था। भविष्य के शहर में बारिश और नीयन लाइट्स के बीच जो खूनी संघर्ष दिखाया गया है, वो रोंगटे खड़े कर देता है। मुख्य पात्र की आँखों में जो दर्द और गुस्सा है, वो साफ़ झलकता है। जब वो अपने ही जैसे प्राणियों से लड़ता है, तो लगता है जैसे वो अपने ही अतीत से जंग लड़ रहा हो। एक्शन सीन्स इतने तेज़ हैं कि सांस रुक जाती है।
इस शो में इंसान और जानवर के बीच की लड़ाई नहीं, बल्कि दो अलग प्रजातियों के बीच का अजीब सा आकर्षण दिखाया गया है। सफेद बिल्ली वाली लड़की और विशाल भेड़िया इंसान का किरदार दिलचस्प है। पैंथर का मार्क में जब वो भेड़िया उसे डराता है लेकिन मारता नहीं, तो लगता है कि इनके बीच कोई पुरानी कहानी छिपी है। बारिश में भीगते हुए उनका वो सीन बहुत इमोशनल था।
भविष्य की दुनिया में जहाँ हर जगह मशीनें और होलोग्राम हैं, वहाँ भी जादुई ताकतें काम कर रही हैं। पैंथर का मार्क में दिखाया गया वो इंजेक्शन और हीलिंग पाउडर बहुत रहस्यमयी लग रहा है। लगता है कि इस दुनिया में विज्ञान और जादू दोनों का इस्तेमाल होता है। मुख्य किरदार के हाथ में जो ग्लोविंग ग्लव्स हैं, वो भी किसी सुपरपावर से कम नहीं लगते। ये मिक्स बहुत यूनिक है।
मुख्य पात्र की पीठ पर जो निशान हैं, वो सिर्फ चोट नहीं, बल्कि उसके अतीत के दर्दनाक सबूत लगते हैं। पैंथर का मार्क में जब वो शीशे में अपना चेहरा देखता है, तो उसकी आँखों में जो उदासी है, वो बताती है कि उसने बहुत कुछ खोया है। वो लड़की जो भागती हुई आती है, शायद उसकी खोई हुई यादों की चाबी है। हर एपिसोड में उसके चेहरे के भाव बदलते रहते हैं, जो एक्टिंग की तारीफ करने को मजबूर कर देते हैं।
पूरे शो में बारिश का माहौल इतना गहरा है कि लगता है जैसे आसमान भी रो रहा हो। पैंथर का मार्क की गलियाँ गीली और अंधेरी हैं, जहाँ हर कोने से खतरा झांकता है। जब वो विशाल भेड़िया लड़की को पकड़ता है, तो बारिश की बूंदों के बीच उसका डर साफ़ दिखता है। ये माहौल बनाने वाले डायरेक्टर की तारीफ करनी चाहिए। हर सीन में नमी और ठंडक महसूस होती है, जो दर्शक को बांधे रखती है।
भेड़िया इंसान का किरदार बहुत शक्तिशाली है। पैंथर का मार्क में जब वो दहाड़ता है, तो लगता है कि पूरी गली कांप गई हो। लेकिन जब वो लड़की के सामने आता है, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी नरमी भी दिखती है। शायद वो भी किसी वजह से मजबूर है। उसकी बॉडी लैंग्वेज और चेहरे के भाव बताते हैं कि वो सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि एक जटिल चरित्र है। उसकी दहाड़ और खामोशी दोनों ही डरावनी हैं।
उस लड़की को दिया गया इंजेक्शन क्या था? पैंथर का मार्क में ये सवाल हर दर्शक के मन में उठता है। क्या वो उसे बचाने के लिए था या फिर उसे किसी और चीज़ में बदलने के लिए? जब सुई उसकी गर्दन में चुभती है, तो लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। शायद इसी वजह से वो भेड़िया इंसान उसके पीछे पड़ा है। ये रहस्य शो को और भी दिलचस्प बना देता है। हर एपिसोड में नए सवाल खड़े होते हैं।
शहर की नीयन लाइट्स और गीली सड़कें पैंथर का मार्क को एक अलग ही लुक देती हैं। जब मुख्य किरदार अपनी बंदूक लेकर खड़ा होता है, तो पीछे की रंगीन लाइट्स और उसका काला कोट बहुत जचता है। ये साइबरपंक स्टाइल एक्शन को और भी इंटेंस बना देता है। हर फ्रेम इतना सुंदर है कि उसे वॉलपेपर बना लिया जाए। रंगों का इस्तेमाल और लाइटिंग का खेल कमाल का है। ये विजुअल ट्रीट है।
शुरुआत में जो ट्रेनिंग रूम का सीन है, वो बहुत ब्रूटल है। पैंथर का मार्क में मुख्य पात्र अपने ही जैसे कई प्राणियों से लड़ता है और उन्हें मार देता है। लेकिन अंत में जब वो एक जीवित बचता है और रोता है, तो लगता है कि ये लड़ाई सिर्फ ताकत की नहीं, बल्कि भावनाओं की भी है। खून से सने कपड़े और टूटे हुए शरीर इस लड़ाई की भयानकता को दिखाते हैं। ये सीन आसानी से भुलाया नहीं जा सकता।
जब मुख्य किरदार अपनी बंदूक भेड़िए की तरफ तानता है, तो लगता है कि अब सब खत्म हो जाएगा। लेकिन पैंथर का मार्क में लड़की की आँखों में जो डर और उम्मीद है, वो बताती है कि कहानी अभी बाकी है। शायद वो भेड़िया मरेगा नहीं, या शायद कुछ और ही होगा। ये क्लिफहेंजर दर्शकों को अगले एपिसोड का इंतज़ार करने पर मजबूर कर देता है। हर सीन के बाद नया सस्पेंस खड़ा हो जाता है। ये शो छोड़कर उठना मुश्किल है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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