जब विशाल समुद्री सांप ने महल पर हमला किया, तो सबने सोचा कि अब सब खत्म हो गया। लेकिन मर्लिन का हिसाब में जादूगर ने अपनी छड़ी से जो किया, वो किसी ने सोचा भी नहीं था। बर्फ की तूफानी हवाएं और जादुई आग का टकराव देखकर रोंगटे खड़े हो गए। लेडी ऑफ द लेक की आंखों में वो हरा चमकता जादू और अंत में जादूगर का विजयी मुस्कान - सब कुछ परफेक्ट था।
उस महिला की आंखों में जब हरा जादू चमका, तो लगा जैसे पूरा समुद्र गुस्से में उबल पड़ा हो। मर्लिन का हिसाब के इस एपिसोड में विलेन का किरदार इतना शक्तिशाली दिखाया गया है कि हीरो को भी पसीने आ गए। जब वो सांप की पीठ पर बैठकर हंसी, तो लगा जैसे कयामत आ गई हो। अंत में जब जादूगर ने उसे बर्फ में जमा दिया, तो राहत की सांस आई।
पूरा महल टूट चुका था, स्तंभ गिर चुके थे, लेकिन जादूगर अभी भी खड़ा था। मर्लिन का हिसाब में इस तबाही के बीच जो उम्मीद दिखाई गई, वो दिल को छू गई। जब युद्ध के बाद सब घायल पड़े थे और जादूगर ने अपनी छड़ी उठाई, तो लगा जैसे नई सुबह हो रही हो। बर्फीले तूफान और टूटी हुई इमारतों का नज़ारा किसी पेंटिंग जैसा था।
जादूगर की वो लकड़ी की छड़ी साधारण नहीं लगती थी, लेकिन जब उसमें से सुनहरी रोशनी निकली, तो सब हैरान रह गए। मर्लिन का हिसाब में इस जादुई हथियार का इस्तेमाल इतना खूबसूरती से दिखाया गया है कि हर सीन में नया जादू महसूस हुआ। जब छड़ी से बिजली गिरी और दुश्मन भागे, तो तालियां बजाने का मन किया।
दोनों युवक घायल होकर जमीन पर पड़े थे, लेकिन उनकी आंखों में हार नहीं थी। मर्लिन का हिसाब में इन किरदारों का दर्द इतना असली लगा कि मन किया उन्हें गले लगा लूं। जब एक ने दूसरे का हाथ थामा और दोनों ने हिम्मत नहीं हारी, तो लगा जैसे दोस्ती की असली ताकत देखी हो। अंत में जब वो बच गए, तो खुशी हुई।
एक तरफ लेडी ऑफ द लेक का हरा जादू और दूसरी तरफ जादूगर की आग - मर्लिन का हिसाब का ये युद्ध किसी महाकाव्य से कम नहीं था। जब बर्फ के तूफान और आग की लपटें आमने-सामने आईं, तो लगा जैसे प्रकृति के दो रूप भिड़ गए हों। अंत में जब बर्फ जीत गई और सब शांत हो गया, तो एक अजीब सी खामोशी छा गई।
पूरे युद्ध के बाद जब जादूगर ने वो मुस्कान दी, तो लगा जैसे सब कुछ ठीक हो गया हो। मर्लिन का हिसाब में इस किरदार की शांति और धैर्य देखकर मन में सम्मान आ गया। जब वो बर्फ में जमी लेडी को देख रहा था और उसकी आंखों में दया थी, तो लगा जैसे असली हीरो वही है। उसकी चुप्पी में भी ताकत थी।
वो विशाल सांप जब पानी से निकला और उसकी आंखें आग की तरह जल रही थीं, तो मर्लिन का हिसाब का हर दर्शक डर गया होगा। जब उसने मुंह खोला और हरे रंग का जहर टपका, तो लगा जैसे मौत सामने खड़ी हो। लेकिन जब जादूगर ने उसे वश में किया, तो राहत मिली। इस क्रिएचर का डिज़ाइन कमाल का था।
महल के टूटे हुए स्तंभ और बिखरे हुए पत्थर देखकर लगा जैसे किसी के सपने टूट गए हों। मर्लिन का हिसाब में इस तबाही के बीच भी उम्मीद की किरण दिखाई गई। जब जादूगर ने अपनी छड़ी उठाई और सब कुछ ठीक होने लगा, तो लगा जैसे टूटे हुए सपने फिर से जुड़ रहे हों। ये सीन दिल को छू गया।
जब सब कुछ खत्म होता दिखा और जादूगर अकेला खड़ा था, तो लगा जैसे ये अंत नहीं नई शुरुआत है। मर्लिन का हिसाब के इस एपिसोड ने ये साबित कर दिया कि अच्छाई हमेशा जीतती है। जब बर्फ पिघली और नई रोशनी फैली, तो लगा जैसे नई कहानी शुरू हो रही हो। ये अंत सबसे खूबसूरत था।
इस एपिसोड की समीक्षा
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