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Manaa Hua Junoon

Har baar jab Alan mera naam leta tha, uske 19‑saal ke bhatije ka garm haath ek aur inch neeche sarak jaata tha. Main apni kalai ko daant se daboch leti thi. Kaamna mere gale mein chubh rahi thi, par main saans lene ki bhi himmat nahi kar paati thi. Kyunki mera 50‑saal ka pati, Alan, bas do kadam door, shower curtain ke bilkul bahar khada tha…..
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इस एपिसोड की समीक्षा

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मांस कारखाने का खौफनाक सच

रेवेनफील्ड मीट वर्क्स की वो पुरानी इमारत देखकर ही रूह कांप गई। जब वो दोनों अंदर गए तो लगा जैसे मौत का इंतज़ार हो रहा हो। मना हुआ जुनून में ऐसे सीन्स दिल की धड़कन बढ़ा देते हैं। लड़के की बेचैनी और लड़की का डर साफ़ झलक रहा था। अंधेरे में छिपी खतरनाक साजिश का अहसास होने लगा।

वफादारी की कीमत

ऑफिस वाले सीन में जो डील हुई, उसने सब कुछ बदल दिया। पैसे का लेन-देन और वो मुस्कान... साफ़ था कि कोई बड़ा धोखा होने वाला है। मना हुआ जुनून की कहानी में ये मोड़ बहुत गहरा था। भरोसे का गला घोंटना कितना आसान होता है, ये सीन देखकर समझ आया। काश वो दोनों इस जाल से बच पाते।

बेबसी की तस्वीर

कुर्सी से बंधे हुए हाथ और आंखों में जमा हुआ डर... ये नज़ारा देखना बहुत तकलीफदेह था। लड़की की मासूमियत और लड़के की मजबूरी ने दिल तोड़ दिया। मना हुआ जुनून ने कैद की उस स्थिति को बहुत बारीकी से दिखाया। हर पल लग रहा था कि अब शायद कोई रास्ता नहीं बचा है।

अंधेरे में छिपी सच्चाई

जब वो दोनों फैक्ट्री में घुसे, तो हवा में कुछ अजीब सा था। रोशनी की किरणें और वो सन्नाटा... मना हुआ जुनून का ये सीन माहौल बनाने में बेमिसाल था। लड़के के चेहरे पर पसीना और लड़की का क्लिप पकड़े हुए डरना... सब कुछ बता रहा था कि वो गलत जगह आ गए हैं।

धोखे का खेल

सूट बूट वाले आदमी की वो चालाक मुस्कान देखकर ही समझ गया कि असली विलेन वही है। उसने पैसे लेकर जो किया, वो बेहद नीच था। मना हुआ जुनून में विलेन का ये किरदार बहुत दमदार लगा। उसकी आंखों में छिपी शैतानियत साफ़ दिख रही थी। ये कहानी आगे और भी पेचीदा होने वाली है।

जानलेवा धक्का

अचानक हुआ हमला और लड़के का ज़मीन पर गिरना... सब कुछ इतनी तेज़ी से हुआ कि सांस रुक गई। लड़की की चीख और वो खौफनाक पल मना हुआ जुनून का सबसे तनावपूर्ण सीन था। जब उसे ज़बरदस्ती मुंह बंद किया गया, तो लगा जैसे सब खत्म हो गया। ये एक्शन सीन बहुत रोंगटे खड़े करने वाला था।

उम्मीद की किरण

भले ही वो दोनों बंधे हुए थे, लेकिन लड़की की आंखों में अभी भी एक चमक थी। शायद वो हार नहीं मानने वाली। मना हुआ जुनून में ये किरदार बहुत मज़बूत लगा। मुश्किल वक्त में भी उसने हिम्मत नहीं खोई। लगता है आगे वो कोई बड़ा प्लान बनाने वाली है। इस जोड़ी की केमिस्ट्री बहुत अच्छी है।

खूनी पंजे

लड़के के चेहरे और कपड़ों पर खून के निशान देखकर ही अंदाज़ा हो गया कि उस पर क्या बीती होगी। मना हुआ जुनून ने हिंसा को बहुत रियलिस्टिक तरीके से दिखाया। वो दोनों कुर्सियों पर बंधे हुए थे, लेकिन उनकी आंखें लड़ रही थीं। ये सीन देखकर गुस्सा और दुख दोनों आ रहा था।

साजिश का जाल

पहले ऑफिस में डील, फिर फैक्ट्री में हमला... सब कुछ पहले से प्लान किया हुआ लग रहा था। मना हुआ जुनून की स्क्रिप्ट में ये कनेक्शन बहुत स्मार्ट था। वो बूढ़ा आदमी और सूट वाला शख्स... दोनों मिलकर कोई बड़ा खेल खेल रहे हैं। ये कहानी आगे और भी हैरान करने वाली है।

कैद की रात

उस पुरानी फैक्ट्री में रात का वक्त और वो दोनों बेबस कैदी... माहौल इतना डरावना था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था। मना हुआ जुनून ने सस्पेंस को बहुत अच्छे से बनाए रखा। लड़की की आंखों में आंसू और लड़के का गुस्सा... सब कुछ बेहद इंटेंस था। ये रात उनके लिए बहुत लंबी होने वाली है।