सिंह के कानों वाला राजा जब उस छोटे गिरगिट गुड़िया को पकड़ता है, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी उदासी दिखती है। लगता है जैसे वह किसी खोई हुई याद को ढूंढ रहा हो। गलत मैच, सही मास्टर में ऐसे पल ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं। उसकी मुट्ठी का तनाव और चेहरे का कोमल भाव एक साथ देखकर दिल भर आता है।
रात के दृश्य में चाँदनी और महल का नज़ारा बेहद खूबसूरत था। काले लिबास वाला शख्स जब कमरे में आता है, तो माहौल में एक रहस्यमयी सन्नाटा छा जाता है। गलत मैच, सही मास्टर की कहानी में यह मोड़ बहुत ही ड्रामेटिक लगा। बिस्तर पर सोई लड़की और उसके सिर पर हिरण के सींग जैसे गहने ने फंतासी का अहसास दिलाया।
वह हरे रंग की गुड़िया सिर्फ एक खिलौना नहीं, बल्कि कहानी की जान लगती है। जब राजा उसे सहलाता है, तो लगता है जैसे वह किसी बेजुबान दोस्त से बात कर रहा हो। गलत मैच, सही मास्टर में ऐसे प्रतीकों का इस्तेमाल कहानी को गहराई देता है। उसकी बड़ी-बड़ी आँखें सीधे दिल में उतर जाती हैं।
जब लड़की जागती है और खिड़की से बाहर देखती है, तो सूरज की रोशनी और बगीचे के फूलों का नज़ारा बेहद सुकून भरा था। गलत मैच, सही मास्टर में यह दृश्य उम्मीद की नई किरण जैसा लगा। उसने जब उस चमकदार पत्थर को छुआ, तो लगा जैसे कोई नया सफर शुरू होने वाला हो।
काले कोट और सिंह के कानों वाला वह शख्स कौन है? उसकी चाल में एक अलग ही तेज था। जब वह सोई हुई लड़की के पास झुकता है, तो डर और उत्सुकता दोनों होती है। गलत मैच, सही मास्टर में ऐसे किरदार हमेशा कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसकी उंगली से निकली जादुई रोशनी ने सब कुछ बदल दिया।
जब वह सिंहासन पर बैठा था और सामने वाला शख्स झुका हुआ था, तो राजा के चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा था। लेकिन उसकी आँखों में दर्द भी था। गलत मैच, सही मास्टर में ऐसे संघर्षपूर्ण पल कहानी को रोचक बनाते हैं। उसने गिरगिट को कसकर पकड़ रखा था, जैसे वह अपनी आखरी उम्मीद हो।
सफेद पोशाक और सिर पर सींगों वाले गहने वाली वह लड़की किसी परी कथा की राजकुमारी लग रही थी। उसकी नींद इतनी गहरी थी जैसे वह किसी जादू के असर में हो। गलत मैच, सही मास्टर में यह दृश्य बेहद काव्यात्मक था। जब वह जागी, तो उसकी आँखों में एक नई चमक थी।
उस विशाल महल की दीवारें और ऊंची खिड़कियां इतिहास गवाह लगती हैं। जब बूढ़ी औरत वहां खड़ी थी, तो लगा जैसे वह किसी पुराने राज को जानती हो। गलत मैच, सही मास्टर में सेट डिजाइन ने कहानी को एक अलग ही आयाम दिया। हवा में तैरते नीले कण जादू का अहसास दिलाते थे।
लड़की जब खिड़की से बाहर देखती है, तो बगीचे में चमकते हुए फूल किसी सपने जैसे लग रहे थे। गलत मैच, सही मास्टर में यह दृश्य बेहद शांत और सुंदर था। ऐसा लगा जैसे प्रकृति भी उसकी खुशी में शामिल हो। उसकी मुस्कान देखकर लगता है कि अब सब ठीक हो जाएगा।
एक तरफ राजा का ठंडा और गंभीर स्वभाव, तो दूसरी तरफ लड़की की मासूमियत। गलत मैच, सही मास्टर में यह टकराव बहुत ही दिलचस्प था। जब काले लिबास वाला शख्स लड़की के पास आता है, तो लगता है जैसे दो अलग-अलग दुनियाएं मिल रही हों। यह कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, यह देखना बाकी है।
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