इस दृश्य में जो तनाव है वो रोंगटे खड़े कर देता है। दो गुलाम जैसे झुके हुए हैं और सामने खड़ा वो भेड़िया इंसान कितना खतरनाक लग रहा है। उसकी आँखों में जो चमक है वो साफ बताती है कि अब खेल बदलने वाला है। गलत मैच, सही मास्टर का ये सीन सच में दिल दहला देने वाला है, पावर डायनामिक्स बिल्कुल सही दिखाए गए हैं।
जब उसने शराब का गिलास तोड़ा और वो लाल रंग जमीन पर फैला, तो लगा जैसे किसी की जान चली गई हो। उस भेड़िया राजकुमार का गुस्सा देखकर डर लग रहा था। उसने एक को पकड़कर उठाया तो लगा अब तो खत्म हो गया। गलत मैच, सही मास्टर में ऐसे सीन्स ही तो जान डालते हैं, एक्शन और इमोशन का बेहतरीन मिश्रण।
वो विशाल हॉल, टूटी कुर्सियां और बिखरे कागज, सब कुछ बता रहा है कि यहाँ कोई बड़ा संघर्ष हुआ है। दो लोग जमीन पर पड़े हैं और वो भेड़िया इंसान उनके ऊपर हावी है। ये दृश्य सच में बहुत इंटेंस है। गलत मैच, सही मास्टर का ये एपिसोड देखकर लगता है कि अब कहानी में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है।
उस भेड़िया इंसान की आँखें जब चमकीं, तो लगा जैसे वो किसी शिकार को देख रहा हो। उसकी नजरों में जो क्रूरता थी वो शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। सामने वाले दो लोगों की हालत देखकर तरस आ रहा था। गलत मैच, सही मास्टर में ऐसे किरदार ही तो कहानी को आगे बढ़ाते हैं, बहुत ही दमदार परफॉरमेंस।
दोनों लोग जमीन पर गिरे हुए हैं और वो भेड़िया इंसान उनके ऊपर खड़ा है। ऐसा लग रहा है जैसे उनकी गुलामी का अंत हो गया हो या फिर कोई नई शुरुआत होने वाली है। इस दृश्य में जो पावर गेम दिखाया गया है वो कमाल का है। गलत मैच, सही मास्टर का ये सीन सच में यादगार बन गया है।
जमीन पर फैला वो लाल रंग, टूटे हुए कांच के टुकड़े और बिखरी हुई बोतलें, सब कुछ बता रहा है कि यहाँ कोई बड़ा हादसा हुआ है। उस भेड़िया इंसान का चेहरा देखकर लगता है कि वो बहुत गुस्से में है। गलत मैच, सही मास्टर में ऐसे सीन्स ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं, बहुत ही खूबसूरत तरीके से फिल्माया गया है।
उस भेड़िया राजकुमार का चेहरा जब क्रोध से विकृत हुआ, तो लगा जैसे वो किसी को मार डालेगा। उसने एक को पकड़कर उठाया और उसकी आँखों में जो नफरत थी वो साफ दिख रही थी। गलत मैच, सही मास्टर का ये सीन सच में दिल दहला देने वाला है, एक्टिंग और डायरेक्शन दोनों बेहतरीन हैं।
वो विशाल सिंहासन और उसके सामने पड़े हुए लोग, सब कुछ बता रहा है कि यहाँ कोई बड़ा संघर्ष हुआ है। उस भेड़िया इंसान का अहंकार और गुस्सा देखकर डर लग रहा था। गलत मैच, सही मास्टर में ऐसे सीन्स ही तो कहानी को आगे बढ़ाते हैं, बहुत ही दमदार परफॉरमेंस और शानदार सेट डिजाइन।
बिखरे हुए कागज, टूटी हुई कुर्सियां और जमीन पर पड़े हुए लोग, सब कुछ बता रहा है कि यहाँ कोई बड़ा संघर्ष हुआ है। उस भेड़िया इंसान का चेहरा देखकर लगता है कि वो बहुत गुस्से में है। गलत मैच, सही मास्टर का ये सीन सच में यादगार बन गया है, बहुत ही खूबसूरत तरीके से फिल्माया गया है।
ये दृश्य सच में बहुत इंटेंस है। दो लोग जमीन पर पड़े हैं और वो भेड़िया इंसान उनके ऊपर खड़ा है। ऐसा लग रहा है जैसे कोई अंत हो गया हो या फिर कोई नई शुरुआत होने वाली है। गलत मैच, सही मास्टर में ऐसे सीन्स ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं, बहुत ही खूबसूरत तरीके से फिल्माया गया है।
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