जब वह सोफे पर बेहोश पड़ा था और उसने धीरे से उसके माथे को छूा, तो दिल की धड़कनें रुक सी गईं। दिल से दिल तक के इस सीन में बिना डायलॉग के इतना दर्द और मोहब्बत दिखाई गई है कि आंखें नम हो गईं। उसका चुपचाप दवा देना और उसकी चिंता साफ झलकती है।
वह थर्मामीटर देखकर घबरा गया, पर उसने बिना कुछ कहे उसे पकड़ लिया। दिल से दिल तक में ऐसे छोटे-छोटे पल ही तो कहानी को जान देते हैं। उसकी आंखों में डर था, पर उसके हाथों में उसकी परवाह साफ दिख रही थी।
कमरे में सन्नाटा था, पर दोनों की आंखें सब कुछ कह रही थीं। दिल से दिल तक का यह सीन बताता है कि कभी-कभी शब्दों से ज्यादा असर खामोशी में होता है। उसने पानी का गिलास दिया, बस इतना सा इशारा काफी था।
वह बीमार था, पर जब उसने उसे देखा तो आंखों में एक अलग ही चमक आ गई। दिल से दिल तक में यह दिखाया गया है कि प्यार इंसान को कितना ताकतवर बना देता है। उसका हर एक्शन दिल को छू गया।
दवा तो उसने दी, पर असली दवा तो उसकी मौजूदगी थी। दिल से दिल तक के इस सीन में दिखाया गया है कि कभी-कभी किसी का साथ ही सबसे बड़ी दवा होता है। उसकी आंखों में चिंता और प्यार दोनों था।
थर्मामीटर तो सिर्फ बुखार नापता है, पर उसकी आंखें तो उसके दिल का हाल बता रही थीं। दिल से दिल तक में यह सीन इतना खूबसूरत है कि बार-बार देखने को जी करता है। उसकी हर हरकत में प्यार झलकता है।
वह बीमार था, पर जब उसने उसे देखा तो होंठों पर एक हल्की सी मुस्कान आ गई। दिल से दिल तक में यह दिखाया गया है कि प्यार इंसान को कितना खुश कर सकता है। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी।
उसने पानी का गिलास दिया, बस इतना सा इशारा था, पर उसमें कितना प्यार छिपा था। दिल से दिल तक के इस सीन में दिखाया गया है कि कभी-कभी छोटी-छोटी चीजें बड़ा असर छोड़ जाती हैं।
वह बीमार था, पर जब उसने थर्मामीटर देखा तो उसकी आंखों में एक अलग ही चमक आ गई। दिल से दिल तक में यह दिखाया गया है कि प्यार इंसान को कितना होशियार बना देता है। उसकी हर हरकत में प्यार झलकता है।
कमरे में सन्नाटा था, पर दोनों की आंखें सब कुछ कह रही थीं। दिल से दिल तक का यह सीन बताता है कि कभी-कभी शब्दों से ज्यादा असर खामोशी में होता है। उसने पानी का गिलास दिया, बस इतना सा इशारा काफी था।
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