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Dil Se Dil Tak

Aarav Singh, ek ameer ladka jo apni pehchaan chhupata hai, aur Anjali Sharma, ek aisi writer jo duniya se door rehti hai — dono online ek doosre ke confidants ban jaate hain. Apne sabse gehre raaz share karne ke baad bhi, dono real life mein hamesha ek doosre se chhoot jaate hain. Aakhir mein, ek bheedbhadi sadak par dono ek aisi adhoori confession dete hain jo kisi novel se bhi zyada gehri hai. Kya do alag duniya ke yeh log is baar ek ho paayenge? Kya unka pyaar is baar jeet paayega?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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बुखार में भी प्यार की चिंगारी

जब वह सोफे पर बेहोश पड़ा था और उसने धीरे से उसके माथे को छूा, तो दिल की धड़कनें रुक सी गईं। दिल से दिल तक के इस सीन में बिना डायलॉग के इतना दर्द और मोहब्बत दिखाई गई है कि आंखें नम हो गईं। उसका चुपचाप दवा देना और उसकी चिंता साफ झलकती है।

थर्मामीटर वाला पल

वह थर्मामीटर देखकर घबरा गया, पर उसने बिना कुछ कहे उसे पकड़ लिया। दिल से दिल तक में ऐसे छोटे-छोटे पल ही तो कहानी को जान देते हैं। उसकी आंखों में डर था, पर उसके हाथों में उसकी परवाह साफ दिख रही थी।

खामोशी में भी शोर

कमरे में सन्नाटा था, पर दोनों की आंखें सब कुछ कह रही थीं। दिल से दिल तक का यह सीन बताता है कि कभी-कभी शब्दों से ज्यादा असर खामोशी में होता है। उसने पानी का गिलास दिया, बस इतना सा इशारा काफी था।

बुखार में भी होश

वह बीमार था, पर जब उसने उसे देखा तो आंखों में एक अलग ही चमक आ गई। दिल से दिल तक में यह दिखाया गया है कि प्यार इंसान को कितना ताकतवर बना देता है। उसका हर एक्शन दिल को छू गया।

दवा से ज्यादा असरदार

दवा तो उसने दी, पर असली दवा तो उसकी मौजूदगी थी। दिल से दिल तक के इस सीन में दिखाया गया है कि कभी-कभी किसी का साथ ही सबसे बड़ी दवा होता है। उसकी आंखों में चिंता और प्यार दोनों था।

थर्मामीटर की गर्माहट

थर्मामीटर तो सिर्फ बुखार नापता है, पर उसकी आंखें तो उसके दिल का हाल बता रही थीं। दिल से दिल तक में यह सीन इतना खूबसूरत है कि बार-बार देखने को जी करता है। उसकी हर हरकत में प्यार झलकता है।

बुखार में भी मुस्कान

वह बीमार था, पर जब उसने उसे देखा तो होंठों पर एक हल्की सी मुस्कान आ गई। दिल से दिल तक में यह दिखाया गया है कि प्यार इंसान को कितना खुश कर सकता है। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी।

पानी का गिलास और प्यार

उसने पानी का गिलास दिया, बस इतना सा इशारा था, पर उसमें कितना प्यार छिपा था। दिल से दिल तक के इस सीन में दिखाया गया है कि कभी-कभी छोटी-छोटी चीजें बड़ा असर छोड़ जाती हैं।

बुखार में भी होशियारी

वह बीमार था, पर जब उसने थर्मामीटर देखा तो उसकी आंखों में एक अलग ही चमक आ गई। दिल से दिल तक में यह दिखाया गया है कि प्यार इंसान को कितना होशियार बना देता है। उसकी हर हरकत में प्यार झलकता है।

खामोशी में भी बातें

कमरे में सन्नाटा था, पर दोनों की आंखें सब कुछ कह रही थीं। दिल से दिल तक का यह सीन बताता है कि कभी-कभी शब्दों से ज्यादा असर खामोशी में होता है। उसने पानी का गिलास दिया, बस इतना सा इशारा काफी था।