कड़ी के अंत में जब सब शांत हो गए और बस मोमबत्ती की रोशनी बची, तो एक अजीब सा सन्नाटा छा गया। लगता है आगे कुछ बड़ा होने वाला है। आंसुओं का समंदर का ये अंत दर्शकों को अगली कड़ी के लिए बेचैन कर देता है।
रेस्तरां में सब एक साथ बैठे हैं, लेकिन क्या वाकई ये सब दोस्त हैं? कुछ चेहरे ऐसे हैं जो धोखे की बू दे रहे हैं। आंसुओं का समंदर में दोस्ती और धोखे की ये लाइन बहुत पतली है और यही इस शो की खासियत है।
स्कूल के लॉकर के पास से लेकर रेस्तरां तक, हर जगह वर्ग और सामाजिक स्थिति का फर्क साफ दिखाई देता है। क्लोई की वस्त्र शैली और बाकी लोगों का साधारण रूप, ये सब कुछ कहानी का हिस्सा है। आंसुओं का समंदर में ये विवरण बहुत अच्छे से दिखाई गई हैं।
पहले ड्रेको गुस्से में था, फिर रेस्तरां में शांत दिखाई दिया। उसके अंदर क्या चल रहा है, ये समझना मुश्किल हो रहा है। शायद वो भी किसी उलझन में है। आंसुओं का समंदर में किरदारों के इस बदलाव ने कहानी को और दिलचस्प बना दिया है।
जब ड्रेको और क्लोई का सामना हुआ, तो हवा में तनाव साफ महसूस किया जा सकता था। क्लोई की मुस्कान के पीछे छिपी चालाकी और ड्रेको का गुस्सा देखकर लगता है कि आंसुओं का समंदर में आगे बहुत बड़ा नाटक होने वाला है। स्कूल वर्दी में भी इनके बीच का वर्ग अंतर साफ झलकती है।
सबके बीच बैठकर भी वो लड़की कितनी अकेली महसूस कर रही थी, ये उसके चेहरे के भावों से साफ पता चल रहा था। क्लोई और ड्रेको की जोड़ी सबके सामने प्यार जता रही थी, जबकि असली कहानी कुछ और ही कह रही थी। आंसुओं का समंदर का ये दृश्य दिल को छू गया।
कार में बैठे ड्रेको का गुस्सा और टैको प्लेट का गिरना, ये दृश्य बहुत ही तनावपूर्ण था। उस लड़की के चेहरे पर लगा सॉस और आंसू देखकर बुरा लगा। लगता है ड्रेको का गुस्सा सिर्फ खाने पर नहीं, बल्कि कुछ और ही बात पर था। आंसुओं का समंदर में ऐसे दृश्य ही तो असली मज़ा देते हैं।
क्लोई हर जगह ड्रेको के साथ चिपकी रहती है, लेकिन उसकी आँखों में कुछ और ही चमक है। ड्रेको शायद अभी तक ये नहीं समझ पाया है कि उसके आसपास क्या चल रहा है। आंसुओं का समंदर के इस कड़ी में क्लोई का किरदार सबसे ज्यादा प्रभावशाली लगा।
रेस्तरां में बैठे बाकी दोस्तों की बातचीत और उनके बीच का तनाव साफ दिखाई दे रहा था। कोई कुछ छिपा रहा है तो कोई कुछ जानने की कोशिश कर रहा है। आंसुओं का समंदर की ये कथानक बहुत ही रोचक तरीके से आगे बढ़ रही है।
वो लड़की जब रो रही थी, तो लग रहा था कि उसका दर्द सिर्फ एक पल का नहीं, बल्कि बहुत गहरा है। आंसुओं का समंदर का नाम ही इस दृश्य को सही मायने देता है। उसकी आँखों में छिपी पीड़ा को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम