जब वो लड़की दीवार से सटकर रो रही थी और अंदर वो लड़का फोन पर बात कर रहा था, तो सीन बहुत इंटेंस था। आंसुओं का समुंदर ने दिखाया कि दूरी सिर्फ दीवारों की नहीं, दिलों की भी होती है। इस एपिसोड ने रूला दिया, पक्का अगला एपिसोड देखना पड़ेगा।
वो विशाल घर, तूफानी रात और फिर वो नोटों से भरी गाड़ी। विजुअल्स इतने शानदार थे कि कहानी अपने आप आगे बढ़ती गई। आंसुओं का समुंदर की प्रोडक्शन वैल्यू देखकर हैरानी होती है। एक्टर्स ने भी अपने किरदारों में जान फूंक दी है, खासकर वो नौकरानी।
एक तरफ अमीर बाप, दूसरी तरफ गरीब लड़की, और बीच में फंसा वो लड़का जो खुद नहीं जानता कि उसे क्या चाहिए। आंसुओं का समुंदर की कहानी में ये लव ट्रायंगल बहुत ही दर्दनाक तरीके से पेश किया गया है। क्या अंत में सब ठीक होगा? ये सवाल हर सीन के बाद उभरता है।
पूरे एपिसोड में उस लड़की ने बहुत कम बोला, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ कह रही थीं। जब उसने वो पैसे वापस किए, तो उसकी इज्जत हजारों करोड़ से ज्यादा बढ़ गई। आंसुओं का समुंदर में किरदारों की खामोशी भी डायलॉग से कम नहीं है। ऐसे किरदार याद रह जाते हैं।
जब अमीर बाप ने नौकरानी को सबक सिखाने के लिए नोटों की दीवार दिखाई, तो लगा सब खत्म हो गया। लेकिन आंसुओं का समुंदर में असली ड्रामा तो तब शुरू हुआ जब उसने वो सारे पैसे हवा में उड़ा दिए। उस लड़की की आंखों में जो दर्द था, वो किसी करोड़पति की दौलत से ज्यादा कीमती लग रहा था।
वो लड़का बाथटब में बैठा किसी और की फोटो को किस कर रहा था, और दरवाजे के पीछे खड़ी नौकरानी रो रही थी। इस सीन ने आंसुओं का समुंदर का असली मतलब समझा दिया। प्यार में इंसान कितना अंधा हो जाता है, ये देखकर रूह कांप गई। उसकी चुप्पी में जो शोर था, वो किसी डायलॉग से ज्यादा भारी था।
बूढ़े आदमी की वो छड़ी और सूट देखकर ही समझ आ जाता है कि पावर किसके पास है। लेकिन जब नौकरानी ने उस पावर को ठुकराया, तो मजा आ गया। आंसुओं का समुंदर में ये क्लास डिफरेंस बहुत गहराई से दिखाया गया है। अमीरों के लिए पैसे कागज हैं, लेकिन गरीबों के लिए वही जिंदगी है।
पहले लगा शायद गलतफहमी है, लेकिन जब बाथरूम वाले सीन में उस लड़के ने दूसरी लड़की की फोटो चुमी, तो सब साफ हो गया। नौकरानी का वो टूटना लाजवाब था। आंसुओं का समुंदर में ऐसे ट्विस्ट्स हैं जो आपको सोचने पर मजबूर कर देंगे कि क्या सच्चा प्यार आज भी बचा है?
जब वो नोटों की दीवार गिरी और हवा में उड़ने लगे, तो सीन बहुत सिनेमैटिक लगा। लेकिन असली बारिश तो उस लड़की की आंखों से हो रही थी। आंसुओं का समुंदर के इस एपिसोड में विजुअल्स और इमोशन्स का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला। काश पैसे से दिल के घाव भरे जा सकते।
बूढ़े आदमी का गुस्सा जायज भी था और गलत भी। उसे लगा वो बेटे को सही रास्ते पर ला रहा है, लेकिन उसे क्या पता था कि वो उसके दिल को तोड़ रहा है। आंसुओं का समुंदर में पेरेंट्स और किड्स के बीच की ये खाई बहुत बारीकी से दिखाई गई है। कभी-कभी सच्चाई कड़वी होती है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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