बॉस से प्यार की यह रात वाली सवारी दिल को छू गई। कार के अंदर की खामोशी, नज़रों का टकराव और म्यूजिक सिस्टम पर उंगली का हल्का सा स्पर्श—सब कुछ इतना सूक्ष्म था कि लगता है जैसे हवा भी सांस रोके देख रही हो। लड़के की चुप्पी में छुपी बेचैनी और लड़की की आंखों में झलकती उलझन ने मुझे बांध लिया। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है जैसे खुद उस कार में पीछे बैठे हों।