शेफ द्वारा बनाया गया खाना इतना स्वादिष्ट लगता है कि मजदूर बार-बार तारीफ करते हैं। 'धन्यवाद, आपका भोजन बहुत स्वादिष्ट है!' यह डायलॉग बहुत प्यारा लगता है। (पार्श्व ध्वनि) गायब महाराज की कहानी में खाने का यह जादू एक अहम कड़ी है। खाने से जुड़ी यह कहानी बहुत सरल लेकिन दिल को छू लेने वाली है।
मजदूरों के बीच रंगशाला के बारे में चर्चा होती है जहाँ एक बड़ी प्रतियोगिता होने वाली है। पहला इनाम एक करोड़ रुपये का है, यह सुनकर सबके चेहरे पर उत्साह दिखाई देता है। (पार्श्व ध्वनि) गायब महाराज की कहानी में यह प्रतियोगिता एक बड़ा मोड़ लगती है। क्या शेफ इसमें भाग लेगा? यह सवाल दिमाग में आता है।
शेफ ज्यादा बोलता नहीं है लेकिन उसकी आँखों में एक अलग ही चमक है। जब मजदूर उसे प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, तो वह चुपचाप सुनता रहता है। (पार्श्व ध्वनि) गायब महाराज की कहानी में शेफ का यह शांत स्वभाव बहुत रहस्यमयी लगता है। क्या वह कोई बड़ी योजना बना रहा है?
शहर की सड़कों पर गाड़ियों की भीड़, निर्माण स्थल और मजदूरों का दृश्य बहुत यथार्थवादी लगता है। काली रेंज रोवर और अन्य वाहनों का दृश्य शहर की भागदौड़ को दर्शाता है। (पार्श्व ध्वनि) गायब महाराज की कहानी का यह बैकग्राउंड बहुत अच्छे से सेट किया गया है। शहर की यह तस्वीर बहुत जीवंत लगती है।
हरी ट्रॉली पर सजा हुआ खाना और शेफ का उसे परोसने का तरीका बहुत आकर्षक लगता है। मजदूरों की भीड़ लग जाती है और सब खुशी-खुशी खाना लेते हैं। (पार्श्व ध्वनि) गायब महाराज की कहानी में यह ट्रॉली एक जादुई वस्तु लगती है। खाने की यह व्यवस्था बहुत व्यवस्थित और प्यारी लगती है।