वह काले कुर्ते वाला शेफ इतना क्रूर क्यों है? आर्यन की काबिलियत देखकर भी वह उसे बेशर्म कह रहा है। शायद उसे डर है कि कहीं आर्यन उसकी जगह न ले ले। (डबिंग) गायब महाराज में यह ईर्ष्या और प्रतिद्वंद्विता का खेल बहुत गहराई से दिखाया गया है। हर डायलॉग में तनाव है।
सफेद पोशाक और टोपी पहने शेफ की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। वह कुछ बोलता नहीं, पर उसकी हर हरकत से लगता है कि वह सब जानता है। (डबिंग) गायब महाराज में यह रहस्य बना हुआ है कि क्या वह सच में महाराज है या कोई और? उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक है।
पीछे खड़ी भीड़ के चेहरे पर हैरानी, डर और उत्सुकता साफ दिख रही है। जब आर्यन गिरा, तो सबकी सांसें रुक गईं। (डबिंग) गायब महाराज में बैकग्राउंड कैरेक्टर्स को भी इतना महत्व देना कमाल की बात है। यह सिर्फ मुख्य पात्रों की कहानी नहीं, बल्कि एक पूरे माहौल की कहानी है।
चश्मे वाले बूढ़े शेफ ने जब कहा कि 'तुम जैसे को कभी शिष्य नहीं बनाएंगे', तो लगा जैसे आर्यन की दुनिया ही टूट गई। उसकी आवाज में एक अटल निर्णय था। (डबिंग) गायब महाराज में यह पात्र एक तरह से न्यायाधीश की भूमिका निभा रहा है। उसकी हर बात वजनदार है।
सफेद साड़ी वाली लड़की की आंखों में आंसू देखकर दिल दहल गया। वह आर्यन के लिए रो रही है या अपनी टूटी हुई उम्मीदों के लिए? (डबिंग) गायब महाराज में महिला पात्रों की भावनात्मक गहराई बहुत अच्छे से दिखाई गई है। वह सिर्फ एक दर्शक नहीं, बल्कि कहानी का हिस्सा है।