तरुण खन्ना का घमंड देखकर चिढ़ होती है, लेकिन जब वरिष्ठ शेफ ने विक्रम का साथ दिया, तो मजा आ गया। यह दृश्य साबित करता है कि असली हुनर कभी छुपा नहीं रह सकता। (डबिंग) गायब महाराज की कहानी में यह मोड़ बहुत दमदार है जहाँ एक हेल्पर अपनी काबिलियत से सबको चौंका देता है। रसोई की राजनीति और ईर्ष्या को बहुत बारीकी से दिखाया गया है।
मैनेजर की घबराहट और विक्रम का शांत चेहरा देखकर लगता है कि आज कुछ बड़ा होने वाला है। जब सब कह रहे थे कि यह खीरा भी नहीं काट सकता, तब उसने जादू कर दिखाया। (डबिंग) गायब महाराज में ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। क्या विक्रम अपनी पहचान साबित कर पाएगा या फिर तरुण की साजिशें कामयाब होंगी? यह देखना दिलचस्प होगा।
रमेश शर्मा और तरुण खन्ना का व्यवहार देखकर लगता है कि वे विक्रम को नीचा दिखाना चाहते हैं, लेकिन वरिष्ठ शेफ की नजरें सब देख रही हैं। (डबिंग) गायब महाराज में पावर डायनामिक्स बहुत दिलचस्प हैं। जब विक्रम ने चाकू उठाया, तो हवा का रुख बदल गया। अब सवाल यह है कि क्या तरुण अपनी जगह बचा पाएगा या विक्रम ही किचन का नया राजा बनेगा।
विक्रम सिंह पर लगाए गए आरोप और ताने सुनकर बुरा लगा, लेकिन उसका जवाब उसने अपने काम से दिया। (डबिंग) गायब महाराज में यह सीख मिलती है कि शोर मचाने वालों को नहीं, काम करने वालों को मौका देना चाहिए। जब उसने खीरे को पलक झपकते काटा, तो सबकी आँखें फटी की फटी रह गईं। यह दृश्य सिनेमाई लिहाज से बहुत शानदार था।
तरुण खन्ना को लगता था कि वह किचन का सबसे बड़ा शेफ है, लेकिन विक्रम के आते ही उसकी सारी औकात सामने आ गई। (डबिंग) गायब महाराज में ऐसे विलेन किरदार कहानी में जान डाल देते हैं। वरिष्ठ शेफ का विक्रम को सपोर्ट करना और तरुण को डांटना सबसे बेहतरीन पल था। अब देखना है कि तरुण कैसे पलटवार करता है।