आर्यन की चाची का किरदार बहुत ही हास्यास्पद है। वह खुद को उसकी असली चाची बताती है और पैसे के लिए कुछ भी कर सकती है। (डबिंग) गायब महाराज में ऐसे किरदार दिखाकर समाज की सच्चाई को उजागर किया गया है। उसकी हरकतें देखकर हंसी भी आती है और गुस्सा भी।
जब आर्यन की गाड़ी आती है और उसमें सिर्फ एक मास्क होता है, तो रहस्य बढ़ जाता है। सबको लगता है कि वह आ गया, लेकिन वह नहीं होता। (डबिंग) गायब महाराज का यह सीन बहुत ही नाटकीय है। यह दिखाता है कि आर्यन अब पुरानी जिंदगी से दूर भागना चाहता है।
एक साल बाद आर्यन बसंत विहार रसोईघर में काम कर रहा है। वह अब वह महाराज नहीं रहा, बस एक साधारण शेफ है। लेकिन उसकी पाक कौशल वही हैं। (डबिंग) गायब महाराज में यह दिखाया गया है कि असली हुनर कभी नहीं मरता। उसकी चाकू चलाने की गति देखने लायक है।
पलक शर्मा आर्यन का इंतज़ार कर रही है। वह जानती है कि वह कौन है, लेकिन फिर भी उससे दूर नहीं जाती। (डबिंग) गायब महाराज में यह प्रेम कहानी बहुत ही प्यारी है। पलक का किरदार बहुत ही मासूम और प्यारा है। उसकी मुस्कान देखकर दिल खुश हो जाता है।
अर्जुन रसोईघर का प्रबंधक है और वह सब कुछ नियंत्रण करने की कोशिश करता है। लेकिन आर्यन के आने के बाद सब कुछ बदल जाता है। (डबिंग) गायब महाराज में अर्जुन का किरदार बहुत ही यथार्थवादी है। वह दिखाता है कि कैसे बॉस अपने अधीनस्थों को दबाव डालते हैं।