फर्श पर बिखरे कांच के टुकड़े सिर्फ सामान नहीं, बल्कि टूटे हुए भरोसे का प्रतीक लग रहे थे। उस युवती का चेहरा खून से सना था फिर भी वह अपनी मां को संभाल रही थी। गलत हाथों में दिल सीरीज में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि कैसे एक पल में सब कुछ बिखर सकता है। उस आदमी की आंखों में गुस्सा और महिलाओं की आंखों में आंसू देखकर मन भारी हो गया।
वह आदमी जिस तरह चिल्ला रहा था, उससे लग रहा था जैसे वह सब कुछ जला देना चाहता हो। सामने खड़ी महिलाएं बेबस होकर सब सह रही थीं। गलत हाथों में दिल की यह कहानी दिखाती है कि ताकतवर होने का मतलब दूसरों को डराना नहीं होता। नेटशॉर्ट पर यह सीन देखते वक्त मन किया कि काश कोई बीच में आकर उन्हें बचा लेता। एक्टिंग बहुत दमदार थी।
बूढ़ी महिला का रोना और युवती का उसे थामे रखना दिल को छू लेने वाला था। खून बह रहा था पर हिम्मत नहीं टूटी थी। गलत हाथों में दिल में ऐसे फैमिली ड्रामा देखकर लगता है कि असली ताकत प्यार में होती है। उस शख्स का व्यवहार बिल्कुल गलत था, उसे अपनी गलती का अहसास होना चाहिए। वीडियो की क्वालिटी और एक्टर्स का प्रदर्शन शानदार था।
कमरे में पड़ी नीली बाल्टी और फर्श पर फैला लाल खून एक अजीब सा कंट्रास्ट बना रहे थे। यह दृश्य गलत हाथों में दिल की कहानी का सबसे तनावपूर्ण पल था। जब वह शख्स उंगली उठाकर धमकी दे रहा था, तो गुस्सा आ रहा था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन्स देखना दर्शकों को कहानी से जोड़े रखता है। हर एक्टर ने अपने किरदार को बहुत बखूबी निभाया है।
महंगे कपड़े पहने वह शख्स कितना बेरहम लग रहा था। उसकी आंखों में कोई दया नहीं थी। गलत हाथों में दिल की यह कहानी अमीरी और इंसानियत के बीच के फर्क को दिखाती है। सामने खड़ी महिलाओं की हालत देखकर तरस आ रहा था। नेटशॉर्ट पर यह सीरीज देखना एक इमोशनल रोलरकोस्टर जैसा है जो आपको बांधे रखता है।