जब मां और बेटा आमने-सामने हों और दोनों के चेहरे पर चोट के निशान हों, तो समझ जाओ कि गलत हाथों में दिल की कहानी कितनी गहरी है। बुजुर्ग महिला की आंखों में आंसू और नौजवान लड़के के मुंह से खून, यह दृश्य दिल को झकझोर देता है। परिवार के भीतर का यह युद्ध सबसे खतरनाक होता है।
फर्श पर बिखरा कांच और हवा में तैरता गुस्सा, गलत हाथों में दिल का यह सीन किसी एक्शन फिल्म से कम नहीं है। पीछे खड़े लोग बस तमाशबीन बने हुए हैं, जो इस बात का सबूत है कि जब घर में झगड़ा हो तो दुनिया रुक जाती है। सफेद कपड़े वाली लड़की की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है।
चश्मे वाले शख्स का गुस्सा देखकर लगता है कि अब सब खत्म हो गया है। गलत हाथों में दिल में दिखाया गया यह क्रोध इतना वास्तविक है कि स्क्रीन के पार से भी महसूस होता है। वह बार-बार कुछ कहने की कोशिश कर रहा है, लेकिन शब्द गुस्से में दब गए हैं। यह बेबसी और क्रोध का मिश्रण है।
पीछे खड़ी वह लड़की जिसके माथे से खून बह रहा है, उसकी आंखों में एक अजीब सी खालीपन है। गलत हाथों में दिल के इस हिस्से में वह सबसे ज्यादा प्रभावित लगती है। शायद यह सब उसके लिए हो रहा है या शायद वह इसका कारण है। उसकी खामोशी सबसे बड़ा शोर है जो इस कमरे में गूंज रहा है।
जब एक ही छत के नीचे खड़े लोग एक-दूसरे को घूर रहे हों, तो समझो कि गलत हाथों में दिल की कहानी कितनी जटिल है। नीला बाल्टी और बिखरा हुआ खाना बता रहा है कि पहले क्या हुआ होगा। यह सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार के बिखराव की शुरुआत लगती है जो बहुत दर्दनाक है।