सफेद कमीज पहनी लड़की का चेहरा देखकर लगता है जैसे उसने अभी-अभी कोई बड़ा झटका खाया हो। उसकी आँखों में डर और हैरानी साफ दिख रही है। गलत हाथों में दिल के इस मोड़ पर जब वो चिल्लाती है, तो लगता है सच सामने आ गया है। एक्टिंग इतनी नेचुरल है कि आप भी उसकी जगह खुद को महसूस करेंगे।
नीली शर्ट और काले वेस्ट कोट में वो आदमी जब चश्मा ठीक करता है, तो लगता है कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक है जो डराती भी है और आकर्षित भी करती है। गलत हाथों में दिल की कहानी में उसका किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी लगता है। हर डायलॉग पर उसका एक्सप्रेशन बदलना कमाल का है।
जब वो लड़की फर्श पर बेहोश पड़ी होती है और उसके माथे से खून बह रहा होता है, तो पूरा सीन सन्न कर देता है। गलत हाथों में दिल के इस सीन में टेंशन इतनी हाई है कि सांस रुक सी जाती है। बाकी लोग खड़े होकर बस देख रहे हैं, जैसे वे भी इस नाटक का हिस्सा हों। यह दृश्य कहानी के टर्निंग पॉइंट जैसा लगता है।
काले और सुनहरे पैटर्न वाली शर्ट पहना वो लड़का जब बांहें बांधकर खड़ा होता है, तो लगता है वह सब कुछ जानता है। उसकी चुप्पी में भी एक शोर है। गलत हाथों में दिल की इस कास्ट में उसका रोल छोटा जरूर है, लेकिन उसकी मौजूदगी सीन को और भी इंटेंस बना देती है। उसकी आँखों में एक अलग ही कहानी छिपी है।
दोनों लड़कियों के माथे पर खून के निशान हैं, लेकिन उनके इरादे बिल्कुल अलग लग रहे हैं। एक डरी हुई है तो दूसरी गुस्से में। गलत हाथों में दिल की यह कहानी दिखाती है कि कैसे एक ही चोट दो लोगों को दो रास्तों पर ले जा सकती है। इनके बीच की दुश्मनी और टकराव देखकर लगता है कि अंत बहुत धमाकेदार होने वाला है।