काले ड्रेस वाली महिला के चेहरे पर वो खून का निशान किसी श्राप जैसा लग रहा है। वो चुपचाप खड़ी है, पर उसकी आँखों में एक अलग ही चमक है, जैसे वो इस तबाही को इंजॉय कर रही हो। गलत हाथों में दिल के इस मोड़ पर सब कुछ उल्टा लग रहा है। बार में फैली अराजकता और टूटी बोतलें इस बात का सबूत हैं कि यहाँ सिर्फ शराब नहीं, इंसानियत भी टूट चुकी है।
नीली शर्ट और वेस्ट कोट पहने उस आदमी का गुस्सा हद से बाहर है। वो हाथ हिलाकर कुछ साबित करने की कोशिश कर रहा है, पर लगता है वो खुद अपने ही जाल में फंस चुका है। गलत हाथों में दिल की इस कहानी में हर किरदार अपने ही दर्द में डूबा हुआ है। पीछे खड़ा वो दूसरा शख्स बस तमाशबीन बना हुआ है, जो इस नाटक का हिस्सा बनने से डर रहा है।
कमरे के कोने में सोफे पर पड़ी वो बेजान सी लाश सबसे ज्यादा डरावना मंजर है। कोई उसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा, सब अपने ही झगड़ों में उलझे हैं। गलत हाथों में दिल के इस सीन में इंसानियत मर चुकी है। नीला बाल्टी और बिखरा हुआ कांच बता रहा है कि यहाँ कोई बड़ा हादसा हुआ है, पर कोई रोने वाला नहीं है। ये खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है।
सफेद ब्लॉउज वाली लड़की के आंसू देखकर लगता है जैसे आसमान टूट पड़ा हो। उसका दर्द सिर्फ उसका नहीं, बल्कि हर उस इंसान का है जिसने भरोसे का खून किया है। गलत हाथों में दिल की ये कहानी हमें बताती है कि प्यार कितना खतरनाक हो सकता है। सामने खड़े लोग पत्थर दिल लग रहे हैं, जो उसकी चीखों को भी नहीं सुन पा रहे हैं।
पूरा बार तबाह पड़ा है, जैसे किसी तूफान ने गुजरा हो। शराब की बोतलें टूटी हैं और फर्श गीला है, पर इन लोगों का ध्यान सिर्फ एक दूसरे को कोसने में है। गलत हाथों में दिल के इस ड्रामे में सेटिंग इतनी रियल है कि लगता है हम वहीं मौजूद हैं। हर शख्स के चेहरे पर एक अलग कहानी लिखी है, जो शायद कभी पूरी नहीं होगी।