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गलत हाथों में दिलवां19एपिसोड

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गलत हाथों में दिल

सिमरन अपनी सास सुमन को उनके बेटे रजत के नए हाई-एंड बार में ले गई। वहाँ उसे पता चला कि रजत का प्रिया के साथ अफेयर है। प्रिया ने सिमरन और सुमन को सरेआम अपमानित किया, उन पर शराब डाली और सुरक्षाकर्मियों से उन्हें रोकवाया। प्रिया ने सिमरन की घड़ी भी पहन रखी थी, जो रजत को देखभाल के लिए दी गई थी। रजत ने फोन पर सिमरन की चोट को नज़रअंदाज़ किया, लेकिन प्रिया की मदद के लिए तुरंत पहुंचा। विहान ने सिमरन की मदद की। सिमरन ने रजत से तलाक ले लिया और अपने डिज़ाइन करियर पर ध्यान दिया। एक साल बाद उसे अंतरराष्ट्रीय
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इस एपिसोड की समीक्षा

खामोशी भी चीखती है

कभी-कभी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचाती है। गलत हाथों में दिल के इस दृश्य में वह लड़की कुछ नहीं बोलती, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ कह रही हैं। खून की लकीर उसके चेहरे पर जैसे उसकी तकदीर का नक्शा हो। सामने वाला आदमी हाथ जोड़कर माफ़ी मांग रहा है, लेकिन क्या दिल की चोटें इतनी आसानी से भर जाती हैं? यह सीन देखकर लगता है कि प्यार और नफरत के बीच की लकीर कितनी पतली होती है।

गुस्से के पीछे छिपा प्यार

वह आदमी चिल्ला रहा है, हाथ हिला रहा है, लेकिन उसकी आंखों में डर साफ दिख रहा है। गलत हाथों में दिल के इस मोड़ पर लगता है कि वह उसे खोने से डर रहा है। उसकी हर हरकत में बेचैनी है, जैसे वह कुछ कहना चाहता हो लेकिन शब्द गले में अटक रहे हों। और वह लड़की? वह बस खड़ी है, जैसे उसने सब कुछ हार दिया हो। यह झगड़ा नहीं, टूटे हुए दिलों की कहानी है।

खून से ज्यादा गहरा घाव

माथे पर खून की लकीर है, लेकिन असली चोट दिल पर लगी है। गलत हाथों में दिल के इस सीन में हर किरदार अपने दर्द में डूबा हुआ है। वह लड़की जो कभी मुस्कुराती होगी, आज उसकी आंखों में सिर्फ खालीपन है। सामने खड़ा आदमी गुस्से में है, लेकिन उसकी आवाज़ कांप रही है। यह दृश्य बताता है कि कभी-कभी सबसे करीबी लोग ही सबसे गहरे घाव दे जाते हैं।

माफ़ी का वजन

जब वह आदमी हाथ जोड़कर खड़ा होता है, तो लगता है जैसे उसने अपनी सारी अकड़ छोड़ दी हो। गलत हाथों में दिल के इस पल में माफ़ी मांगना आसान नहीं लग रहा। उसकी आंखों में पछतावा है, लेकिन क्या पछतावा काफी है? वह लड़की बस देख रही है, जैसे वह तय कर रही हो कि क्या उसे फिर से भरोसा करना चाहिए। यह सीन दिल को छू लेता है क्योंकि यह सच्चाई के करीब है।

आंखों की भाषा

शब्दों की जरूरत नहीं जब आंखें सब कुछ बोल दें। गलत हाथों में दिल के इस दृश्य में हर किरदार की आंखें एक अलग कहानी कह रही हैं। एक में गुस्सा है, दूसरी में दर्द, तीसरे में बेबसी। वह लड़की जो खून से सनी खड़ी है, उसकी आंखों में सवाल हैं जो कभी पूछे नहीं गए। यह सीन दिखाता है कि इंसान के चेहरे पर कितनी कहानियां छिपी होती हैं।

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