
जब सोने के कवच वाला योद्धा घुटनों पर बैठा तो ऐसा लगा जैसे कोई राजा अपने सामने झुक रहा हो। पाक कला का राजा वापस आया में यह दृश्य इतना भावुक था कि मेरी आँखें नम हो गईं। उसकी आँखों में सम्मान और समर्पण साफ दिख रहा था।
सोने के कवच वाले सैनिक जब मैदान में आए तो ऐसा लगा जैसे कोई युद्ध शुरू होने वाला हो। पाक कला का राजा वापस आया में उनकी चाल इतनी गर्विली थी कि सबकी सांसें रुक गईं। उनके कवच पर सूरज की रोशनी पड़ रही थी जो बहुत ही शानदार लग रहा था।
पाक कला का राजा वापस आया में सफेद पोशाक वाला शेफ इतना गुस्से में था कि लग रहा था जैसे वह किसी को खा जाएगा। उसकी आँखों में आग थी और हर शब्द तलवार की तरह चुभ रहा था। यह दृश्य देखकर मेरी रूह कांप गई, ऐसा लगा जैसे कोई युद्ध छिड़ गया हो।
काले शेफ की एंट्री ने सबका ध्यान खींच लिया। उसकी पोशाक पर सोने की कढ़ाई और तलवारें उसे किसी राजकुमार जैसा बना रही थीं। पाक कला का राजा वापस आया में जब वह बोला तो ऐसा लगा जैसे कोई जादूगर मंत्र पढ़ रहा हो। उसकी आवाज़ में एक अजीब सी शांति थी जो डरावनी भी थी।
बैंगनी पोशाक वाली लड़की जब हैरानी से देख रही थी तो उसकी मासूमियत साफ झलक रही थी। पाक कला का राजा वापस आया में उसकी आँखों में डर और उत्सुकता दोनों थे। ऐसा लगा जैसे वह किसी जादूई दुनिया में आ गई हो।
हरे कोट और टोपी वाला आदमी जब दौड़ता हुआ आया तो सब हैरान रह गए। पाक कला का राजा वापस आया में उसकी हरकतें इतनी अजीब थीं कि लग रहा था जैसे वह पागल हो गया हो। उसने सफेद शेफ के साथ जो किया वह बहुत ही चौंकाने वाला था।
जब सफेद शेफ चिल्लाया तो दर्शकों के चेहरे पर जो डर था वह साफ दिख रहा था। बूढ़े आदमी की आँखें फटी की फटी रह गईं। पाक कला का राजा वापस आया में यह दृश्य इतना तनावपूर्ण था कि मैं भी अपनी सीट पर जम गया। ऐसा लगा जैसे कोई बड़ा हादसा होने वाला हो।
तवे पर मांस और टमाटर जब आग में पके तो ऐसा लगा जैसे कोई जादू हो रहा हो। पाक कला का राजा वापस आया में यह दृश्य इतना खूबसूरत था कि मुझे भूख लगने लगी। आग की लपटें और धुएं का नज़ारा देखकर लग रहा था जैसे कोई जादूगर खाना बना रहा हो।
पिंजरे में बंदर को देखकर दिल दुखी हो गया। पाक कला का राजा वापस आया में यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि मैं रोने लगा। उसकी आँखों में उदासी साफ दिख रही थी। ऐसा लगा जैसे वह किसी से मदद मांग रहा हो।
पाक कला का राजा वापस आया में जब प्रतियोगिता शुरू हुई तो पूरा मैदान जोश से भर गया। शेफों के बीच की प्रतिस्पर्धा इतनी तीव्र थी कि लग रहा था जैसे कोई युद्ध छिड़ गया हो। हर कोई अपनी जीत के लिए तैयार था।


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