सगाई से एक रात पहले, अनन्या ने अपने धोखेबाज मंगेतर और बेटी बेचने वाले परिवार को छोड़ दिया। गलती से वह मुंबई के रईसजादे करण सिंह के बच्चे की माँ बन गई। अनन्या जिस होटल में काम करती थी, उसे करण ने खरीद लिया। अनन्या सिर्फ मेहनत से अपनी पहचान बनाना चाहती थी, लेकिन करण उसके पीछे पड़ गया। धीरे-धीरे वह उसके प्यार में डूब गई। आज वह न सिर्फ होटल में अपनी जगह बना चुकी है, बल्कि करण उसे बेगम की तरह संभालता है।