मीरा अपनी चचेरी बहन निशा की जगह कबीर से शादी करती है, जो गाँव में एक गरीब लकवाग्रस्त आदमी बनकर रहता है। वह मेहनत करती है, उसके इलाज के लिए पैसे जुटाती है, पर उसे नहीं पता कि कबीर असल में एक छिपा अरबपति है। निशा और उसकी चाची मीरा को बार-बार परेशान करते हैं, पर कबीर हर बार चुपचाप उसकी मदद करता है। जब मीरा को कबीर की असली पहचान पता चलती है, तो वह नाराज होकर चली जाती है। क्या कबीर उसे मना पाएगा? क्या वे अपने रिश्ते को फिर से जोड़ पाएंगे?