रिया, बहन पर बोझ न बनने के लिए, यश से ब्लाइंड डेट पर शादी कर लेती है। पहले दिन से झगड़े और गलतफहमियाँ शुरू हो जाती हैं। यश उसे पैसे की दीवानी समझता है, पर धीरे-धीरे उसका दिल बदलता है। वह रिया को बदनामी से बचाता है और रिश्तेदारों को मुंहतोड़ जवाब देता है। एक गलतफहमी के चलते वे एक साल का शादी समझौता कर लेते हैं। बीच में शालू और आयुष आ जाते हैं। तमाम उलझनों के बाद यश को अपनी गलती का एहसास होता है और वह रिया को मनाने लगता है। धीरे-धीरे यह कागजी शादी सच्चे प्यार में बदल जाती है।