इस गोदाम में जो कुछ हुआ वो किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं था। फूलों वाली कमीज वाले लड़के की चीखें और बाकी सबका सन्नाटा देखकर लग रहा था जैसे कोई बड़ा राज खुलने वाला हो। मेरे पूर्व साथी के सरपरस्त ने मुझे रौंदा की कहानी में यह मोड़ बहुत ही जबरदस्त था।
उस युवती की आंखों में जो डर था, वो शब्दों से बयां नहीं किया जा सकता। काले परिधान वाले आदमी का उसे सहारा देना और फिर गुस्से में चिल्लाना – सब कुछ इतना वास्तविक लगा। मेरे पूर्व साथी के सरपरस्त ने मुझे रौंदा जैसे दृश्य में भावनात्मक गहराई बहुत अच्छी लगी।
जब वह आदमी चिल्लाया, तो लग रहा था जैसे पूरा गोदाम हिल गया हो। उसकी आवाज में जो गुस्सा था, वो सिर्फ संवाद नहीं, बल्कि एक चेतावनी थी। मेरे पूर्व साथी के सरपरस्त ने मुझे रौंदा के इस कड़ी में अभिनय का स्तर बहुत ऊंचा था।
कभी-कभी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचाती है। जब सब लोग एक दूसरे को देख रहे थे और कोई कुछ नहीं बोल रहा था, तो वह पल सबसे ज्यादा तनावपूर्ण था। मेरे पूर्व साथी के सरपरस्त ने मुझे रौंदा में ऐसे पल ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं।
फूलों वाली कमीज वाले लड़के का गुस्सा और उसकी बातें – यह साफ दिखा रहा था कि युवा पीढ़ी अब चुप नहीं बैठेगी। मेरे पूर्व साथी के सरपरस्त ने मुझे रौंदा में यह किरदार बहुत ही ऊर्जावान और सच्चा लगा। उसकी हरकतें देखकर लग रहा था जैसे वह सब कुछ बदल देगा।