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बहू है खतरनाक वां31एपिसोड

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बहू है खतरनाक

मीरा अपनी चचेरी बहन निशा की जगह कबीर से शादी करती है, जो गाँव में एक गरीब लकवाग्रस्त आदमी बनकर रहता है। वह मेहनत करती है, उसके इलाज के लिए पैसे जुटाती है, पर उसे नहीं पता कि कबीर असल में एक छिपा अरबपति है। निशा और उसकी चाची मीरा को बार-बार परेशान करते हैं, पर कबीर हर बार चुपचाप उसकी मदद करता है। जब मीरा को कबीर की असली पहचान पता चलती है, तो वह नाराज होकर चली जाती है। क्या कबीर उसे मना पाएगा? क्या वे अपने रिश्ते को फिर से जोड़ पाएंगे?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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घुटने टेकने का ड्रामा

इस सीन में जो तनाव है वो कमाल का है। एक बूढ़ा आदमी घुटनों पर गिरकर माफ़ी मांग रहा है और दूसरा युवक उसे उठाने से मना कर रहा है। बीच में खड़े कपल की चुप्पी सब कुछ कह रही है। बहू है खतरनाक सीरीज में ऐसे इमोशनल मोड़्स देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीन देखते वक्त लगा जैसे मैं भी वहीं मौजूद हूं।

काले सूट वाला हीरो

काले सूट में यह हीरो इतना शांत कैसे रह सकता है जब उसके सामने इतना बड़ा हंगामा हो रहा हो? उसकी आंखों में गुस्सा साफ़ दिख रहा है पर वो कुछ बोल नहीं रहा। शायद वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। बहू है खतरनाक की कहानी में ऐसे किरदार ही असली जादू करते हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखना हमेशा मजेदार लगता है।

लाल साड़ी वाली दुश्मन

लाल रंग की ड्रेस पहनी यह लड़की इस पूरे झगड़े में क्या रोल निभा रही है? उसका चेहरा बता रहा है कि वह इस बूढ़े आदमी से नफरत करती है। शायद यह सब उसकी साजिश है। बहू है खतरनाक में ऐसे ट्विस्ट्स आते रहते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीन देखकर मैं हैरान रह गई।

सफेद पोशाक वाली मासूम

सफेद पोशाक में यह लड़की कितनी मासूम लग रही है। वह इस पूरे झगड़े से डरी हुई लग रही है। शायद वह इस सबका हिस्सा नहीं है बस गलत जगह पर गलत वक्त पर आ गई। बहू है खतरनाक में ऐसे किरदार दर्शकों की सहानुभूति जीत लेते हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर दिल दहल जाता है।

गुस्से में युवक

यह युवक इतना गुस्से में क्यों है? शायद इस बूढ़े आदमी ने उसके साथ कुछ बुरा किया है। उसकी बॉडी लैंग्वेज बता रही है कि वह इस आदमी को माफ़ नहीं करने वाला। बहू है खतरनाक में ऐसे इंटेंस सीन्स देखकर मजा आता है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीन देखते वक्त मैं भी गुस्से में आ गई।

पार्क का सेटिंग

यह पूरा सीन एक पार्क में शूट किया गया है जो कहानी को और भी ड्रामेटिक बना रहा है। हरे भरे पेड़ और खुली जगह इस तनाव को और भी बढ़ा रहे हैं। बहू है खतरनाक की लोकेशन चुनने की काबिलियत तारीफ के लायक है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखना एक अलग अनुभव है।

माफ़ी का ड्रामा

यह बूढ़ा आदमी सच में माफ़ी मांग रहा है या यह सब एक नाटक है? उसकी आंखों में डर साफ़ दिख रहा है। शायद उसे अपनी गलती का अहसास हो गया है। बहू है खतरनाक में ऐसे मोड़्स आते हैं जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीन देखकर मैं कन्फ्यूज हो गई।

खामोशी का असर

इस पूरे सीन में जो खामोशी है वो सबसे ज्यादा असरदार है। कोई शोर नहीं, बस इमोशन्स का खेल। किरदारों की आंखें सब कुछ कह रही हैं। बहू है खतरनाक में ऐसे सीन्स देखकर लगता है कि डायलॉग्स की जरूरत ही नहीं पड़ती। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखना एक कला है।

रिश्तों का टकराव

इस सीन में साफ़ दिख रहा है कि यह सब एक परिवार का झगड़ा है। रिश्तों में दरारें आ चुकी हैं और अब सब सामने आ रहा है। बहू है खतरनाक में ऐसे फैमिली ड्रामा देखकर लगता है कि यह हमारे अपने घर की कहानी है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीन देखकर मैं इमोशनल हो गई।

क्लाइमेक्स की शुरुआत

लगता है यह सीन पूरी कहानी का क्लाइमेक्स होने वाला है। सभी किरदार एक जगह इकट्ठा हैं और सब कुछ खुलने वाला है। बहू है खतरनाक में ऐसे सीन्स की उम्मीद दर्शकों को हमेशा रहती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है।