उसने सोती हुई लड़की को गोद में उठाया, बिस्तर पर लिटाया, जूते उतारे और कंबल ओढ़ाया। फिर उसने दराज से एक कागज निकाला, जिस पर 'शादी का समझौता' लिखा था। उसे जलाते हुए उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी की कहानी यहाँ से शुरू होती है, जहाँ प्यार नहीं, बल्कि एक राज छिपा है।
पहले तो वह हैरान हुई, फिर मुस्कुराई। लेकिन जब वह लड़की जागी और बाथरूम में गई, तो देखा कि वह आदमी कागज जला रहा है। उसकी मुस्कान गायब हो गई। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी में ऐसा लगता है कि हर मुस्कान के पीछे एक झूठ छिपा है। क्या वह सच में प्यार करती है या बस एक खेल खेल रही है?
उसने इतनी कोमलता से उसके जूते उतारे, जैसे कोई कीमती खजाना संभाल रहा हो। फिर कंबल ओढ़ाया, माथे को चूमा। लेकिन फिर भी, वह कागज जला रहा था। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी में यह विरोधाभास दिलचस्प है — प्यार और धोखा एक साथ कैसे रह सकते हैं? क्या यह सच्चा प्यार है या बस एक नाटक?
बाहर खड़ी महिला का फोन बजा, और उसकी आँखों में डर था। शायद उसे पता चल गया कि अंदर क्या हो रहा है। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी में हर फोन कॉल एक नया रहस्य लाती है। क्या वह महिला उसकी पत्नी है? या फिर कोई और जो इस समझौते का हिस्सा है? सब कुछ इतना उलझा हुआ है।
कागज जल रहा था, और उसकी राख सिंक में गिर रही थी। वह आदमी मुस्कुरा रहा था, जैसे उसने कोई बड़ा फैसला ले लिया हो। ब्लाइंड डेट से सीधे शादी में यह दृश्य बहुत गहरा है — क्या उसने समझौता तोड़ दिया? या फिर नई शुरुआत की? लड़की की नींद और उसकी मुस्कान के बीच क्या राज है?