नाश्ते की मेज़ पर बैठे हर शख्स के चेहरे पर एक अलग ही कहानी लिखी है। वो लाल बालों वाली औरत जो एवोकाडो पकड़े खड़ी है, उसकी आँखों में सिर्फ नफरत नहीं, बल्कि एक अजीब सी जीत भी झलक रही है। तेरे बिना अधूरी कहानी में ऐसा लगता है कि हर निवाला ज़हर बना दिया गया है। ब्लॉन्ड लड़की की मासूमियत और उस पर हो रहा हमला देखकर रूह कांप जाती है। क्या ये सिर्फ खाने की बात है या कुछ और गहरा खेल चल रहा है?
कभी सोचा था कि एक सादा सा एवोकाडो इतना खतरनाक हथियार बन सकता है? जब वो लड़की चाकू लेकर खड़ी हुई, तो लगा शायद वो अपनी बेबसी को काट रही है। लेकिन फिर वो गिरा हुआ एवोकाडो और उस पर पड़ी एड़ी... ये सब इत्तेफाक नहीं लगता। तेरे बिना अधूरी ड्रामा में टेंशन उस वक्त चरम पर पहुँच जाती है जब वो सुनहरे बालों वाला लड़का गुस्से में चिल्लाता है। माहौल में सन्नाटा चीख रहा है।
उस ब्लॉन्ड लड़की की आँखों में जो डर है, वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जब वो काले दस्ताने वाले हाथ उसकी गर्दन को पकड़ते हैं, तो सांस रुक जाती है। ये सिर्फ एक झगड़ा नहीं, ये तो रूह को चीर देने वाला पल है। तेरे बिना अधूरी सीरीज में इमोशनल टॉर्चर को जिस तरह दिखाया गया है, वो दिल दहला देता है। क्या वो बच पाएगी या ये उसका आखिरी नाश्ता था?
मेज़ के उस पार बैठी सफेद शर्ट वाली औरत सबसे ज्यादा रहस्यमयी लग रही है। वो न तो चिल्ला रही है और न ही रो रही है, बस एक अजीब सी मुस्कान के साथ सब देख रही है। उसके हाथ में चाकू और आँखों में एक अलग ही चमक है। तेरे बिना अधूरी में शायद असली खलनायक वही है जो सबसे शांत बैठी है। उसकी खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। क्या वो बचाने वाली है या मिटाने वाली?
जब वो सुनहरे बालों वाला लड़का गुस्से में उठता है, तो कमरे का तापमान बदल जाता है। उसकी आँखों में सिर्फ क्रोध नहीं, बल्कि एक टूटा हुआ भरोसा भी दिख रहा है। वो ब्लॉन्ड लड़की को पकड़ता है, लेकिन क्या वो उसे बचा रहा है या सजा दे रहा है? तेरे बिना अधूरी के इस सीन में रिश्तों की नाजुक धागें टूटती हुई साफ दिख रही हैं। प्यार और नफरत की ये लकीरें कब मिट जाएं, पता नहीं चलता।