शुरुआत ही इतनी खौफनाक थी कि रोंगटे खड़े हो गए। दरवाजे पर लाल रंग के निशान देखकर लगा कोई खून है। लेपर्ड प्रिंट वाली की आंखों में डर साफ दिख रहा था। डिब्बे का राज़ क्या है यह जानने के लिए मैं अगला भाग देखने के लिए बेताब हूं। माहौल बहुत ही गहरा बनाया गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे थ्रिलर मिलना दुर्लभ है।
उस पात्र के चेहरे के भाव देखकर लग रहा था कि वह किसी बड़ी मुसीबत में फंस गई है। हाथ में कटर लेकर वह क्या करने वाली थी? कहानी में एक अजीब सी घबराहट है जो आपको बांधे रखती है। जैकेट वाले का आना और उसका हैरान होना सब कुछ शक के दायरे में लाता है। डिब्बे का राज़ धीरे धीरे खुल रहा है।
कंटेनर के अंदर का दृश्य बहुत ही रहस्यमयी था। बिस्तर और चारों तरफ का सन्नाटा कुछ गड़बड़ होने का संकेत दे रहा था। हरे रंग का कटर जमीन पर गिरा देखकर लगा कोई जबरदस्ती वहां पहुंचा है। इस शो की कहानी में दम है। डिब्बे का राज़ देखकर लगता है कि आगे बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। बहुत पसंद आया।
जब जैकेट वाला दौड़ते हुए आया तो लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। उसकी आंखों में गुस्सा और चिंता दोनों थे। कमरे के अंदर का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। दोनों के बीच की बहस क्या थी यह जानना जरूरी है। डिब्बे का राज़ ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे सस्पेंस ड्रामा बहुत कम मिलते हैं।
लेपर्ड टॉप वाली का अभिनय बहुत ही लाजवाब था। बिना कुछ बोले ही वह अपनी पीड़ा व्यक्त कर गई। लाल लिपस्टिक और उसका मेकअप उस किरदार को बहुत सूट कर रहा था। कहानी की रफ्तार बहुत सही है। डिब्बे का राज़ में हर दृश्य में कुछ नया खुलासा होता है। मैं अगले भाग का इंतजार नहीं कर सकता।
बाहर का दृश्य और अंदर का माहौल बिल्कुल अलग था। कंटेनर के ताले टूटे हुए थे जिससे लगा कोई जबरदस्ती अंदर गया था। जैकेट वाले की एंट्री ने कहानी में नया मोड़ दे दिया। डिब्बे का राज़ की पटकथा बहुत मजबूत लग रही है। हर कोई इसका अंत जानना चाहता है। बहुत ही रोमांचक अनुभव रहा।
अंत में जब वह पात्र इशारा करती है तो लगता है कि वह किसी को बुला रही है या चेतावनी दे रही है। यह क्लिफहैंगर बहुत ही दमदार था। दर्शक के रूप में मैं हैरान रह गया। डिब्बे का राज़ ने अपनी कहानी से सबका ध्यान खींच लिया है। नेटशॉर्ट पर यह शो जरूर देखना चाहिए। बहुत ही बेहतरीन कहानी है।
कमरे की दीवारों पर लगे निशान और खून जैसे धब्बे कहानी की गंभीरता बता रहे थे। लेपर्ड लुक वाली की सांसों की रफ्तार से लग रहा था कि वह डरी हुई है। जैकेट वाले की प्रतिक्रिया भी बहुत स्वाभाविक थी। डिब्बे का राज़ में ऐसे ही ट्विस्ट्स की उम्मीद है। मुझे यह शैली बहुत पसंद आ रही है। आगे क्या होगा यह सोचकर ही नींद नहीं आ रही।
कहानी में एक अजीब सी खामोशी है जो शोर मचा रही है। दोनों पात्रों के बीच की दूरी और नजरें सब कुछ कह रही हैं। क्या वह एक दूसरे को जानते हैं? डिब्बे का राज़ के हर भाग में नई पहेली सामने आती है। मुझे लगता है कि यह शो आगे चलकर बहुत लोकप्रिय होगा। ऐसे ड्रामा देखने में बहुत मजा आता है।
कुल मिलाकर यह शो अपने आप में एक पहेली है। हर दृश्य के बाद सवाल बढ़ते जा रहे हैं। कटर क्यों था? खून किसका था? डिब्बे का राज़ ने दर्शकों को बांधे रखने का काम बहुत अच्छे से किया है। मुझे उम्मीद है कि आगे की कहानी और भी रोमांचक होगी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे शो मिलना सुकून देने वाला है।