ऑफिस में आमने-सामने बैठे दो टॉप एग्ज़ेक्युटिव हर डील पर भिड़ते हैं, और रोज़मर्रा में भी उनकी नोकझोंक नहीं रुकती—क्लासिक झगड़ालू प्रेमी। दोनों मानते हैं ज़िंदगी ज़ीरो-सम गेम है: एक जीतेगा तो दूसरा हारेगा। पर बार-बार की टक्कर में वे एक-दूसरे की सख्ती के पीछे छुपी नरमी देख लेते हैं, और आखिरकार उनके प्रतिस्पर्धी दिलों को समझ आता है—प्यार में कोई हारता नहीं, दोनों ही जीतते हैं।