अस्पताल के गलियारे में तनाव इतना बढ़ गया कि सांस लेना मुश्किल हो रहा है। जब वो चमचमाते सूटकेस खुले और उनमें से नोटों के गड्डे दिखाई दिए, तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं। ग्रे सूट वाला शख्स इतना आक्रामक क्यों है? क्या ये सब उस बेहोश बच्ची के इलाज के लिए है या कोई और गहरा खेल चल रहा है? सफेद सूट वाली महिला की घबराहट और काली शर्ट वाले युवक का हैरान चेहरा सब कुछ बता रहा है। छह साल बाद: मजदूर से प्रेम, देवी का विवाह प्रस्ताव जैसे ड्रामे में भी इतना ट्विस्ट नहीं होता जितना इस सीन में है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं, बिल्कुल असली लगता है।