जज की हथौड़ी की आवाज़ ने जैसे सब कुछ तय कर दिया। दो कैदी, एक ही वर्दी, लेकिन चेहरों पर अलग-अलग कहानियाँ। वेटेरन का वादा में कोर्ट रूम का माहौल इतना तनावपूर्ण है कि साँस रुक सी जाती है। वो बूढ़ा कैदी जिसकी आँखों में पछतावा है, और जवान जिसमें अभी भी उम्मीद बाकी है।
पुराने ज़माने के वकील की पोशाक और उसका अंदाज़ देखकर लगता है जैसे इतिहास जीवित हो गया हो। वेटेरन का वादा में जब वो कागज़ पढ़ते हैं, तो लगता है कोई बड़ा खुलासा होने वाला है। कोर्ट की दीवारें भी उनकी आवाज़ सुन रही हैं। हर शब्द में वजन है, हर वाक्य में कहानी।
वो औरत जो कोर्ट में बैठी है, उसके हाथ में पुरानी घड़ी और आँखों में आँसू। वेटेरन का वादा में उसका धैर्य देखकर दिल भर आता है। जब वो खड़ी होती है और उस कैदी से मिलती है, तो लगता है जैसे समय थम गया हो। उसकी चुप्पी में सबसे बड़ा शोर है।
वर्दी में सजा वो फौजी अफसर कोर्ट में खड़ा है जैसे कोई पहाड़। वेटेरन का वादा में उसकी मौजूदगी से माहौल और भी गंभीर हो जाता है। उसके सीने पर तमगे चमक रहे हैं, लेकिन आँखों में एक अजीब सी उदासी है। शायद वो भी किसी फैसले का इंतज़ार कर रहा है।
उस औरत के हाथ में जो पुरानी घड़ी है, वो सिर्फ समय नहीं बताती, बल्कि एक वादा भी याद दिलाती है। वेटेरन का वादा में जब वो घड़ी को कसकर पकड़ती है, तो लगता है जैसे वो किसी पल को रोकना चाहती हो। शायद यही घड़ी इस कहानी की चाबी है।
दोनों कैदी जब पुलिस के साथ कोर्ट से बाहर जाते हैं, तो उनकी चाल में अजीब सी बेबसी है। वेटेरन का वादा में उन पीछे के शॉट्स ने दिल छू लिया। एक की कमर पर पुलिस का हाथ है, जैसे कोई आखिरी सहारा हो। जंजीरें सिर्फ पैरों में नहीं, दिलों में भी हैं।
जज साहब का चेहरा पत्थर जैसा सख्त, लेकिन आँखों में एक अजीब सी नमी है। वेटेरन का वादा में जब वो फैसला सुनाते हैं, तो लगता है जैसे वो खुद भी इस सज़ा से दुखी हैं। उनकी पोशाक और उनका रुतबा सबको डराता है, लेकिन इंसानियत अभी बाकी है।
उस औरत का एक आँसू जब गिरता है, तो लगता है जैसे पूरी कोर्ट रूम रो पड़ी हो। वेटेरन का वादा में उसका दर्द इतना साफ दिखता है कि कोई भी पत्थर दिल भी पिघल जाए। लेकिन फिर भी उसकी आँखों में एक उम्मीद की किरण बाकी है, जो सब कुछ बदल सकती है।
इतने लोग, इतनी खामोशी, और बस एक आवाज़ जो गूँज रही है। वेटेरन का वादा में कोर्ट रूम का माहौल इतना डरावना है कि लगता है जैसे दीवारें भी सुन रही हों। हर कोई अपनी साँस रोके बैठा है, क्योंकि अगला पल किसी की ज़िंदगी बदल सकता है।
वेटेरन का वादा में हर किरदार किसी न किसी वादे से जुड़ा है। वो बूढ़ा कैदी, वो जवान लड़का, वो औरत, वो फौजी - सबके पास एक वादा है जो टूट गया या निभाया जा रहा है। इस कहानी में सज़ा से ज़्यादा वादों की कीमत चुकाई जा रही है। दिल को छू लेने वाली कहानी है।
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